Bhagalpur News:गाइडलाइन को पालन करते हुए ईद उल अजहा की नमाज करें अदा, अमन और भाईचारे के साथ मनाएं ईद उल अजहा – सैयद हसन


ग्राम समाचार, भागलपुर। खानकाह पीर दमड़िया शाह शाहमार्केट खलीफाबाग भागलपुर के 15वें सज्जादानशीन जनाब सैयद शाह फखरे आलम हसन ने भागलपुर सहित देश भर के मुसलमानों से अमन और भाईचारे के साथ ईद उल अजहा का त्योहार मनाने की अपील की है। ख़ानक़ाह पीर दमड़िया शाह ने अपील की है कि मुसलमान कुर्बानी के लिए प्रतिबंधित जानवरों का इस्तेमाल न करें। किसी भी किस्म के विवाद से बचने के लिए इसी सद्भाव पर अमल किया जाना चाहिए। प्रशासन को इत्तिला देना बराबर संपर्क में और सामाजिक विश्वास में रहना उचित होगा। कोविड संक्रमण के मद्देनजर कुर्बानी के फ़ौरन बाद खून और अन्य अपशिष्ट को जमीन में गहरे दफन कर देना सही रहेगा। ख़ानक़ाह दमड़िया शाह के 15वें सज्जादानशीन ने मुसलमानों से ईद उल अजहा यानी बकरीद का पर्व 21 जुलाई को मनाने के क्रम में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की अपील की है। 15वें सज्जादानशीन जनाब सैयद शाह फखरे आलम हसन ने मुसलमानों से गुजारिश करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस अभी खत्म नहीं हुई है। इसलिए मस्जिदों या ईदगाहों में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई गाइडलाइन को पालन करते हुए ईद उल अजहा की नमाज अदा करें। जनाब सैयद हसन ने मुसलमानों से कहा है कि सुबह बकरीद की नमाज के फ़ौरन बाद कुर्बानी की रस्म अदा कर दी जाए। उन्होंने बताया कि दरअसल इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से बकरीद का त्यौहार 12वें महीने की 10 तारीख को मनाया जाता है। यानी बकरीद का त्यौहार रमजान के महीने खत्म होने के 70 दिन के बाद मनाया जाता है। ख़ानक़ाह पीर दमरिया शाह के 15वें सज्जादानशीन के अनुसार इस वर्तमान स्थिति में ज्यादा बेहतर है कि सूरज निकलने 20 मिनट के बाद संक्षिप्त रूप से नमाज और खुतबा अदा करके कुर्बानी कर लिए जाएं। इसके अलावा पीर दमड़िया शाह की ओर से 15वें सज्जादानशीन ने बयान जारी कर कहा है कि देश खासकर बिहार झारखंड उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों की परिस्थितियों को देखते हुए 15वें सज्जादानशीन सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि जिस जगह कुर्बानी होती आयी है और वैसी जगह पर फिलहाल दिक्कत है, तो वहां कम से कम बकरे की कुर्बानी अवश्य की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों से मुसलमानों को निराश नहीं होना चाहिए और परिस्थितियों का मुकाबला शांति, प्रेम और धैर्य से ही हर मोर्चे पर करना चाहिए। कोरोना वायरस जैसी महामारी से त्राहिमाम कर रहे मुल्क वासियों की सुरक्षा के लिए हर एक मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा दुआ करनी चाहिए। सैयद हसन ने कहा कि दरअसल इस्लाम में सिर्फ हलाल के तरीके से कमाए हुए पैसों से ही कुर्बानी जायज मानी जाती है। इस बात को हमें कतई नहीं भूलनी चाहिए मन और जुबान को पाक साफ कर नेकी की राह पर चलते रहने से हम ऊपर वालों की बड़ी रहमत को पा सकते हैं और ऐसा करना मुसलमानों का पहला फर्ज है।


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Editor - Bijay shankar

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