कर्नाटक की महामहिम राज्यपाल डॉक्टर सुधा यादव रविवार को रेवाड़ी दौरे पर रही. राज्यपाल बनने के बाद पहली बार अपने गृह जिला रेवाड़ी पहुंची सुधा यादव का भव्य स्वागत हुआ. राज्यपाल ने विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की. कर्नाटक में टकराव नहीं, सरकार के साथ मिलकर करूंगी काम. नवनियुक्त राज्यपाल बोलीं- कर्नाटक के उत्थान के लिए काम करना प्राथमिकता, राज्यपाल बनने की सूचना से मैं स्वयं थी अनजान. राज्यपाल ने कहा 15 दिन में विश्वविद्यालय में आरएसएस शाखा को लेकर बनाएंगे कार्ययोजना.
कर्नाटक की नवनियुक्त राज्यपाल सुधा यादव रविवार को अपने गृह जिला रेवाड़ी के दौरे पर रही. कर्नाटक की राज्यपाल बनने के बाद सुधा यादव पहली बार अपने गृह जिला रेवाड़ी पहुंची और विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की. सुधा यादव ने सर्वप्रथम गांव धामलावास पहुंचकर अपने शहिद पति स्वर्गीय सुखबीर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस मौके पर रेवाड़ी पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. तत्पश्चात उन्होंने बीएमजी एलिगेंट सिटी पहुंचकर सुनील सरपंच निखरी के नए घर मैं आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम में शिरकत की और अपनी ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी इस मौके पर शहर की गणमान्य लोगों ने गुलदस्ता देकर एवं पगड़ी पहनाकर महामहिम राज्यपाल डॉ सुधा यादव का स्वागत किया. राज्यपाल के साथ फोटो खिंचवाने के लिए शहर के लोग काफी उत्साहित नजर आए.
इस अवसर पर राज्यपाल डॉक्टर सुधा यादव ने कहा कि वह कर्नाटक के उत्थान और विकास के उद्देश्य से वहां गई हैं। राज्य सरकार के साथ मिलकर सकारात्मक भावना से काम करेंगी। उन्हें नहीं लगता कि राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव की कोई स्थिति बनेगी क्योंकि इसकी आवश्यकता भी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कर्नाटक में बेहतर कार्य करने की भावना के साथ राज्यपाल पद की शपथ ली है। सुधा यादव से जब सवाल किया गया कि अक्सर गैर भाजपा शासित राज्यों में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव देखने को मिलता है तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता टकराव नहीं बल्कि मिलकर काम करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि आपसी सहयोग से राज्य के विकास के लिए बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। अपने राज्यपाल बनाए जाने को लेकर सुधा यादव ने कहा कि उन्हें इसकी भनक तक नहीं थी और न ही वह मानसिक रूप से इसके लिए तैयार थीं। ऐसे समय में उन्हें यह सूचना मिली जब उन्होंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैसा व्यक्तित्व जो राष्ट्र को सर्वोपरि मानकर कार्य करता है उनसे मिलना सुखद अनुभव रहा। ऐसे व्यक्तित्व से उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि किस भावना और समर्पण के साथ दायित्वों का निर्वहन किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय में आरएसएस की शाखा शुरू करने से जुड़े सवाल पर सुधा यादव ने कहा कि कर्नाटक में 32 विश्वविद्यालय केंद्र सरकार के अधीन है। इस विषय पर आगामी 15 दिनों में कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।अपने गृह जिले पहुंचने पर सुधा यादव ने यहां की माटी के प्रति विशेष कृतज्ञता व्यक्त की।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उनका जन्म इसी जिले में हुआ और उन्होंने इसी क्षेत्र में रहकर कार्य किया है। इसलिए इस मिट्टी के प्रति उनका विशेष लगाव और आभार है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र ने उन्हें पहचान, प्यार और सम्मान दिया, उसके प्रति वह हमेशा कृतज्ञ रहेंगी। इस दौरान अपने बेटे सिद्धार्थ यादव का जिक्र करते हुए सुधा यादव भावुक नजर आईं। उन्होंने लोगों से कहा कि जिस तरह उन्हें प्यार और आशीर्वाद दिया है उसी तरह सिद्धार्थ को भी अपना स्नेह और आशीर्वाद दें। उन्होंने आत्मीय अंदाज में कहा सिद्धार्थ को आपके हवाले कर रही हूं। इसे भी वही प्यार देना जो आपने मुझे दिया है। अगर इससे कोई गलती हो तो इसका कान पकड़कर समझा भी देना। उनके इस बयान ने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
रेवाड़ी पहुंचने पर नवनियुक्त राज्यपाल सुधा यादव का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अपने पति शहीद डिप्टी कमांडेंट सुखबीर यादव की समाधि पर पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पति के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने अपने जीवन और सार्वजनिक दायित्वों से जुड़े भावनात्मक पक्ष को भी सामने रखा। कर्नाटक के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अपने गृह क्षेत्र पहुंचीं सुधा यादव के स्वागत में लोगों का उत्साह देखने को मिला। उनके बयानों में जहां नए दायित्व को लेकर सकारात्मक सोच दिखाई दी वहीं अपनी जन्मभूमि और यहां के लोगों के प्रति उनका भावनात्मक जुड़ाव भी स्पष्ट नजर आया।







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