हिंदी तथा मराठी सिनेमा जगत के बहुत ही गहन चिंतक कलाकार और नायब शैली के चितेरे क्रांतिवीर अभिनता नाना पाटेकर के निधन से सिनेमा जगत और उनके प्रशंसको मे शोक की लहर है. यंग मेंस एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बॉडी बिल्डिंग फिजिक्स स्पोर्ट्स फेडरेशन के महानिदेशक अमित स्वामी ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. अमित स्वामी ने अपने कार्यालय पर 2 मिनट का मन रखकर एवं चित्र पर पुष्प चढ़ाकर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि अर्पित की.
अमित स्वामी ने कहा की अभिनेता नाना पाटेकर बेजोड़ एवं नायब कलाकार थे उनके चले जाने से फिल्म जगत को काफी क्षति हुई है फिल्म जगत में उनके योगदान को कभी भूलाया नहीं जा सकता. उनके निधन से एक युग का अंत हुआ है. साल 1978 में आई फिल्म गमन से बतौर अभिनेता नाना पाटेकर ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। अपने सुनहरे एक्टिंग करियर के दौरान नाना ने करीब 55-60 हिंदी फिल्मों में काम किया था, जिन्होंने उन्हें सिनेमा जगत का सुपरस्टार बनाया। एक एक्टर के तौर पर नाना पाटेकर ने हिंदी सिनेमा में अपनी छाप छोड़ी थी। आज वह बेशक हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन बॉलीवुड के महान कलाकार के तौर पर उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। अभिनेता नाना पाटेकर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है.


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