रेवाड़ी में अखिल भारतीय श्री विश्वकर्मा महासंगठन ने राजनीति में हिस्सेदारी की मांग की. प्रदेश अध्यक्ष शिवदत्त जांगिड़ ने अपने कार्यालय पर संगठन विस्तार एवं राजनीति में भागीदारी पर चर्चा की. देश और प्रदेश की राजनीति में 10 वर्ष पुराने विश्वकर्मा महासंगठन की भागीदारी होनी चाहिए.
अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासंगठन ने राजनीति में हिस्सेदारी की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवदत्त जांगिड़ ने रेवाड़ी स्थित अपने कार्यालय पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि संगठन की ओर से पहले उन्हें गुरुग्राम लोकसभा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी बाद में उनके काम को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष रतनलाल जी फरीदाबाद ने उन्हें प्रदेश सचिव और अब प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है जब से उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है तब से निरंतर पूरे प्रदेश का दौरा कर संगठन विस्तार करने में लगे हैं शिवदत्त जांगिड़ ने कहा कि संगठन विस्तार के लिए उन्होंने सभी जिलों में बैठक कर पदाधिकारीयो की नियुक्ति कर दी है सभी जिलों में कार्यकारिणी बनाई जा रही है.
शिवदत्त जांगिड़ ने कहा कि अभी एक साल पहले ही उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है अब निरंतर समाज को एकजुट करने और संगठन को मजबूत करने का काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीति पार्टी अथवा दल का समर्थन नहीं करते लेकिन राजनीति में विश्वकर्मा महासंगठन की भागीदारी चाहते हैं. शिवदत्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भी ओबीसी वर्ग से आते हैं फिर भी उनके समाज की राजनीति में हिस्सेदारी नहीं के बराबर है.


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