बच्चों के हाथों में किताबें, चेहरे पर मुस्कान और आंखों में भविष्य के सपने—इसी सुंदर भावना के साथ आईएमए रेवाड़ी टीम ने अपनी सामाजिक पहल “आओ गाँव चलें” के अंतर्गत जुग्गी-झोपड़ी स्कूल सेक्टर तीन में “आओ पढ़ें — छोटे कदम, बड़े सपने” कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों तक शिक्षा और स्वास्थ्य का संदेश पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें पोषण, स्वच्छता, व्यक्तिगत सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर बच्चों को खाद्य सामग्री, कहानी की पुस्तकें तथा विभिन्न विषयों से संबंधित शैक्षणिक पुस्तकें वितरित की गईं और विटामिन डी की टेबलेट वितरित की गई.
शिक्षा के साथ सुरक्षा और स्वास्थ्य की सीख
कार्यक्रम में डॉ. अचल सिंगला ने बच्चों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बारे में सरल एवं सहज भाषा में समझाया। उन्होंने बच्चों को अपने शरीर के प्रति जागरूक रहने और किसी भी असहज स्थिति में बिना झिझक अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति से बात करने के लिए प्रेरित किया
चेयरमैन आओ गाँव चले डॉक्टर . पूनम यादव ने बच्चों को जीवन को पूरे उत्साह, आत्मविश्वास और खुशी के साथ जीने का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों के साथ विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां एवं नृत्य करवाया, जिससे पूरा वातावरण खुशी और उमंग से भर गया।
महासचिव डॉ. पूजा अनेजा ने बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क के लिए पौष्टिक आहार अपनाने तथा फल, सब्जियां, दाल, दूध आदि को अपने भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
आईएमए रेवाड़ी की अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बच्चों को हाथों की स्वच्छता, सही तरीके से हाथ धोने की तकनीक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को समझाया कि स्वच्छता की छोटी-छोटी आदतें अनेक बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डॉ. प्रीति यादव ने बच्चों को वर्तमान समय में शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं, बल्कि बच्चों को सोचने, समझने, प्रश्न पूछने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की क्षमता प्रदान करती है।
“छोटे कदम ही बड़े सपनों की शुरुआत हैं”
कार्यक्रम के अवसर पर चेयरमैन आओ गाँव चले की अध्यक्ष डॉ. पूनम यादव यादव ने कहा कि—
“छोटे कदम ही बड़े सपनों की शुरुआत होते हैं। किसी बच्चे के हाथ में एक किताब देना केवल एक पुस्तक देना नहीं है, बल्कि उसके हाथ में ज्ञान और उसके भविष्य के लिए एक नई संभावना देना है। हमारा प्रयास है कि ‘आओ गाँव चलें’ के माध्यम से हम ऐसे बच्चों तक पहुंचें, उनके साथ संवाद करें और उनके भीतर सीखने, आगे बढ़ने तथा बड़े सपने देखने की भावना जगाएं।”
IMA रेवाडी की अध्यक्ष डॉक्टर नीरज यादव ने कहा कि आईएमए रेवाड़ी चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रहा है। “आओ गाँव चलें” के माध्यम से नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज के जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
बच्चों की मुस्कान बनी कार्यक्रम की पहचान
पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बातचीत, प्रश्नोत्तर, पुस्तकों का वितरण, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, खेल एवं नृत्य जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को जीवंत, रोचक और संवादात्मक बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने खुशी और उत्साह के साथ नृत्य किया। उनके चेहरे की मुस्कान और हाथों में थामी नई किताबें इस पहल की सबसे खूबसूरत तस्वीर बन गईं।
आईएमए रेवाड़ी की इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर, सुरक्षित बचपन और शिक्षा—हर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं।







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