केन्द्रीय आर्य युवक परिषद रेवाड़ी एवं पतंजलि परिवार रेवाड़ी के संयुक्त तत्वावधान में बाल भवन में आयोजित श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षामंत्री माननीय श्री महिपाल ढांडा जी ने शिक्षाविद, साहित्यकार, संस्कृति-प्रकृति कवि एवं पर्यावरण चिंतक मनोज कुमार वशिष्ठ को शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, समाज एवं पर्यावरण में तीन दशकों की उत्कृष्ट सेवा हेतु श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड-2026 से अलंकृत किया।
*वंदे मातरम् को मिला राष्ट्रीय सम्मान - समारोह का मुख्य आकर्षण*
वशिष्ठ की अंग्रेजी कविता "वंदे मातरम्" RSS की राष्ट्रीय पत्रिका ऑर्गनाइजर के अगस्त मास के स्वतंत्रता दिवस विशेषांक के शीर्षक पृष्ठ पर प्रकाशित हुई, जिसकी माननीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी एवं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा भी विशेष सराहना की गई है। हरियाणा शिक्षा विभाग की पत्रिका 'शिक्षा सारथी' में प्रकाशित उनके लेख "Views of Vivekananda" तथा हरियाणा साहित्य अकादमी की 'हरिगंधा' में विभाजन विभीषिका पर लेख "अखंडित राष्ट्र: खंडित मानवता" के लिए भी आज के समारोह की अति विशिष्ट अतिथि जिला अध्यक्षा डॉ वंदना पोपली जी ने भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए बधाई दी।इसके अतिरिक्त दैनिक ट्रिब्यून ,अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, हरिभूमि इत्यादि में उनके 500+ लेख प्रकाशित हो चुके हैं।समारोह की अध्यक्षता कर रहे विधायक श्री लक्ष्मण यादव जी ने भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
*तीन दशक, तीन संकल्प - शिक्षा, संस्कार, सेवा*
मनोज वशिष्ठ पिछले तीन दशक से प्राइवेट/एडिड/राजकीय विद्यालय में सेवारत हैं। वे मंच संचालक, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक, एनसीसी ऑफिसर,स्कॉट्स मास्टर,रेड क्रॉस ब्रिगेड ऑफिसर,भर्ती बोर्ड में सब्जेक्ट एक्सपर्ट तथा राज्य/जिला/खण्ड स्तरीय निर्णायक की भूमिका निभा चुके हैं।पर्यावरण के क्षेत्र में उन्होंने पौधे वितरित कर तथा लगाकर योगदान दिया है, रक्तदान शिविरों में व्यवस्थात्मक योगदान दिया व स्वयं 6 बार रक्तदान किया है। प्रतिवर्ष गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षण एवं वर्दी वितरण, कोविड-19 व बाढ़ में सेवा, "प्लास्टिक मुक्त जीवन" एवं "नशा मुक्त समाज" अभियान उनके विशेष कार्य हैं। उनके शिष्य आज डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, शिक्षक ,अधिवक्ता,नेता,खिलाड़ी,पुलिस,सैन्य अधिकारी के रूप में राष्ट्र सेवा में हैं।शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने कहा - "मनोज वशिष्ठ जैसे शिक्षक ही राष्ट्र निर्माता हैं, जो कक्षा के साथ-साथ समाज को भी संस्कारित करते हैं। उनकी वंदे मातरम् कविता ने रेवाड़ी का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है।"
समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेन्द्र शर्मा,जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी श्री प्रदीप दहिया,खंड शिक्षा अधिकारी,आर्य समाज के प्रतिनिधि एवं पतंजलि परिवार के पदाधिकारी उपस्थित रहे जिन्होंने मनोज वशिष्ठ को श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान मिलने पर बधाई दी।इस अद्वितीय उपलब्धि पर सामाजिक संगठनों,शैक्षिक संगठनों,शिक्षाविदों,मित्रगण, विद्यालय प्राचार्य एवं स्टाफ सदस्यों ने हार्दिक शुभकामनाएं दी।

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