रेवाड़ी में बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद की मांग को लेकर जय किसान आंदोलन का अनिश्चितकालीन धरना आज छठे दिन भी जारी रहा। आज धरने की अध्यक्षता श्री अभय सिंह फिडेडी ने की तथा संचालन लक्ष्मण सिंह जांगिड़ ने किया।
जय किसान आंदोलन के जिला अध्यक्ष श्री पृथ्वी सिंह ने कहा कि सरकार ने 1 अक्टूबर से बाजरे की खरीद को लेकर गाइडलाइन जारी की है। किसानों के गेट पास और टोकन काटे गए, लेकिन इसके बावजूद किसानों की फसल की सरकारी खरीद नहीं हुई।बाजरे की खरीद की जिम्मेदारी एफपीओसी/एफपैडॉक कंपनी को दी गई, लेकिन कंपनी के पास खरीद के लिए आवश्यक मापदंड और पर्याप्त मशीनरी नहीं होने के कारण किसानों की बाजरे की ढेरियां लगातार रिजेक्ट की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक एक भी ढेरी की सरकारी खरीद नहीं होने से किसान परेशान और नाराज हैं।
जय किसान आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने शाम करीब 5 बजे काफी प्रयासों के बाद एसडीएम से मुलाकात कर उन्हें किसानों की समस्या से अवगत कराया। इसके बाद एसडीएम ने अनाज मंडी का दौरा कर बाजरे की गुणवत्ता का जायजा लिया। किसानों का कहना है कि इस बार बाजरे की फसल अच्छी है, इसके बावजूद खरीद एजेंसी द्वारा ढेरियां रिजेक्ट की जा रही हैं।
किसानों ने बताया कि सरकारी खरीद नहीं होने के कारण निजी व्यापारी बाजरा लगभग ₹2,100 से ₹2,150 प्रति क्विंटल के भाव पर खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को एमएसपी की तुलना में भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसान कई दिनों से इस उम्मीद में मंडी में बैठे हैं कि सरकार एमएसपी पर खरीद शुरू करेगी, लेकिन अभी तक उन्हें राहत नहीं मिली है। जय किसान आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने लगातार मंडियों का दौरा कर किसानों की समस्याओं को उठाने तथा धरना जारी रखने की बात कही।



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