राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। प्राचार्य विनोद यादव के अथक प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व से विद्यालय में अटल टिंकरिंग लैब (ATL) एवं 10 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा पैनल की स्थापना का कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। यह महत्वपूर्ण परियोजना कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत अरामको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और इंडिया स्टेम फाउंडेशन (NGO) के संयुक्त सहयोग से संपन्न होगी।
आज, 09 अक्टूबर, 2026 को अरामको इंडिया और इंडिया स्टेम फाउंडेशन के प्रतिनिधि मंडल ने विद्यालय परिसर का भ्रमण किया और स्थापना स्थलों का निरीक्षण किया। अरामको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से सब्यसाची दासमहोपात्रा, वाइस प्रेसिडेंट, पब्लिक अफेयर्स एवं रजत कुमार, मैनेजर, पब्लिक अफेयर्स उपस्थित रहे, जबकि इंडिया स्टेम फाउंडेशन से आशी गुप्ता, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एवं विनोद शारदा, मैनेजर, पार्टनर डेवलपमेंट एंड सपोर्ट शामिल थे। विद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य विनोद यादव ने विद्यालय कार्यालय में सभी अतिथियों का फूल माला से स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रमुख स्टाफ सदस्य रश्मि शर्मा, राजेश यादव, जितेन्द्र दखोरा तथा शिक्षाविद एवं साहित्यकार मनोज वशिष्ठ उपस्थित रहे। परिसर भ्रमण के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने अटल टिंकरिंग लैब के लिए प्रस्तावित कमरे तथा सौर पैनल स्थापना के लिए विद्यालय की छत का गहन निरीक्षण किया। भ्रमण उपरांत दोनों परियोजनाओं को पूर्ण करने की विस्तृत योजना बनाई गई, जिसमें स्थापना की समय-सीमा, आवश्यक उपकरणों की सूची, कार्यान्वयन की रूपरेखा और शिक्षकों के प्रशिक्षण के बिंदुओं को शामिल किया गया। जल्दी ही इन दोनों कार्यों को स्थापित करने की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। विद्यालय प्रशासन और दोनों सहयोगी संस्थाओं ने इस दिशा में कार्य शुरू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
प्राचार्य विनोद यादव ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना विद्यालय के छात्रों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने अरामको इंडिया और इंडिया स्टेम फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से छात्र न केवल नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए तैयार भी किया जाएगा।
इस अवसर पर शिक्षाविद एवं साहित्यकार मनोज वशिष्ठ ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वह प्रयोग, नवाचार और सृजनशीलता की ओर ले जानी चाहिए। अटल टिंकरिंग लैब बच्चों के हाथों में केवल उपकरण नहीं देगी, बल्कि उनके दिमाग में विचारों को आकार देने की ताकत देगी। उन्होंने आगे कहा कि 10 किलोवाट सौर पैनल की स्थापना पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह छात्रों को ऊर्जा के प्रति जागरूक बनाएगा और उन्हें स्वच्छ ऊर्जा का महत्व समझाएगा। मनोज वशिष्ठ ने प्राचार्य विनोद यादव की सराहना करते हुए कहा कि यह विद्यालय का सौभाग्य है कि उसे एक ऐसे प्राचार्य का मार्गदर्शन मिल रहा है, जो बच्चों के भविष्य के लिए दिन-रात प्रयास करते हैं और बड़े उद्योगों को विद्यालय से जोड़कर एक आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं।
नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्थापित होने वाली अटल टिंकरिंग लैब छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी। इसमें 3D प्रिंटर, रोबोटिक्स किट्स, IoT डिवाइसेस, सेंसर और माइक्रोकंट्रोलर्स जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे, जिससे छात्र अपने नवीन विचारों को मॉडल और प्रोटोटाइप में बदल सकेंगे। वहीं, 10 किलोवाट सौर पैनल विद्यालय को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा और बिजली की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह पहल विद्यालय के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल है, जो दर्शाता है कि किस प्रकार एक प्राचार्य के दृढ़ संकल्प और प्रयासों से बड़े उद्योग और एनजीओ का सहयोग विद्यालय तक पहुंच सकता है।



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