रेवाड़ी नगर परिषद द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा अभियान (17 सितंबर से 2 अक्टूबर) के तहत आज रॉयल गार्डन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में कार्य कर रहे मैरिज गार्डन में स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन एवं गीले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था का जायजा लेना रहा। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रॉयल गार्डन बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रबंधन की दिशा में प्रभावी एवं सराहनीय कार्य कर रहा है। गार्डन परिसर में कंपोस्टिंग पिट का निर्माण किया गया है, जिसमें गार्डन से निकलने वाले जैविक एवं गीले कचरे को एकत्रित कर डाला जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से कचरे का उचित तरीके से जैविक खाद में परिवर्तन किया जाता है।
तैयार होने वाली खाद का उपयोग गार्डन परिसर में लगे पेड़-पौधों एवं हरयाली को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। इससे एक ओर जहां गीले कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित होता है, वहीं दूसरी ओर तैयार खाद का पुनः उपयोग करके प्राकृतिक संसाधनों की बचत भी होती है। यह व्यवस्था कचरे से संसाधन निर्माण एवं सर्कुलर वेस्ट मैनेजमेंट का अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करती है। निरीक्षण के दौरान गार्डन परिसर में साफ-सफाई, कचरे के उचित प्रबंधन, हरित क्षेत्र के रखरखाव तथा कंपोस्टिंग व्यवस्था को भी देखा गया। परिसर में स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
उल्लेखनीय है कि रॉयल गार्डन को पूर्व में भी स्वच्छता एवं बेहतर कचरा प्रबंधन के लिए “श्रेष्ठ/बेस्ट मैरिज पैलेस” के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में भी गार्डन द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य किया जा रहा है और साफ-सफाई के मामले में यह उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में सामने आया है। नगर परिषद रेवाड़ी द्वारा बल्क वेस्ट जनरेटरों से अपील की गई कि वे अपने परिसर में उत्पन्न होने वाले गीले एवं सूखे कचरे का उचित पृथक्करण करें तथा गीले कचरे के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण एवं कंपोस्टिंग को बढ़ावा दें। इससे शहर में कचरे की मात्रा कम करने के साथ-साथ स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल रेवाड़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।


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