रेवाड़ी से आजादी के अमृत महोत्सव के बीच हरियाणा के वीर सपूतों के इतिहास को लेकर एक बहुत बड़ी और गर्व करने वाली खबर सामने आई है। रेवाड़ी जिले के बावल ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक गांव टांकड़ी के तीन ऐसे वीर स्वतंत्रता सेनानियों के नाम और दस्तावेज खोज निकाले गए हैं, जो इतिहास के पन्नों में कहीं खो गए थे।
इन तीनों गुमनाम नायकों को तलाशने का श्रेय प्रसिद्ध शोधकर्ता श्री भगवान फौगाट (स्वतंत्रता सेनानी राम सिंह के सुपुत्र) और अमर शहीद स्वतंत्रता सेनानी नेतराम लोहचब के पड़पोते (Great-Grandson) को जाता है। इन शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) के पुराने रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों को खंगालकर इन वीर जवानों के आजाद हिंद फौज (INA) में शामिल होने के अकाट्य प्रमाण देश के सामने रखे हैं।
राष्ट्रीय अभिलेखागार के दस्तावेजों के अनुसार, टांकड़ी गांव के इन तीनों जांबाजों का ऐतिहासिक विवरण इस प्रकार है:
* हीरा सिंह: पुत्र शिव सहाय (Sheo Sahae), जन्म वर्ष 1921 (गांव टांकड़ी)। ये भारतीय सेना की प्रथम बहावलपुर इन्फैंट्री में नंबर 8771 पर भर्ती हुए थे। बाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर 'आजाद हिंद फौज' (INA) में शामिल हुए और 2 डिविजन हेडक्वार्टर (2 Div. H.Q.) में सिपाही के रूप में देश के लिए लड़े।
* सूरज भान सिंह: पुत्र जोरावर सिंह, जन्म वर्ष 1921 (गांव टांकड़ी)। ये भी प्रथम बहावलपुर इन्फैंट्री में सिपाही नंबर 8516 के रूप में तैनात थे। बाद में देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज की बॉडीगार्ड यूनिट में सिपाही के तौर पर अपनी सेवाएं दीं।
* सुल्तान सिंह: पुत्र सोहन सिंह, जन्म वर्ष 1916 (गांव टांकड़ी)। ये प्रथम बहावलपुर इन्फैंट्री में सिपाही नंबर 8662 के तौर पर कार्यरत थे और बाद में आजाद हिंद फौज की 10वीं रेजिमेंट में शामिल होकर दुश्मनों से लोहा लिया।
कैप्टन सतीश कुमार राठौर ने भेजी गौरव पट्ट की तस्वीर
इस ऐतिहासिक खोज के बाद टांकड़ी गांव के वर्तमान गौरव पट्ट (शिलालेख) की तस्वीर कैप्टन सतीश कुमार राठौर (सेवानिवृत्त), प्रधान, रेवाड़ी जिला सिग्नल्स वेट्रंस एसोसिएशन हरियाणा द्वारा साझा की गई है। मौजूदा गौरव पट्ट पर गांव के कुछ शहीदों के नाम तो दर्ज हैं, लेकिन इन तीनों वीर स्वतंत्रता सेनानियों (हीरा सिंह, सूरज भान सिंह और सुल्तान सिंह) के नाम इस पर अंकित नहीं हैं।
हर गांव के गौरव पट्ट पर हो हर सेनानी का नाम: शोधकर्ताओं की अपील
शोधकर्ताओं और पूर्व सैनिक एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य यह है कि देश की माटी के लिए सर्वस्व न्योषावर करने वाले प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी का नाम उनके पैतृक गांव के गौरव पट्ट पर अनिवार्य रूप से लिखा जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने वास्तविक नायकों के बलिदान को जान सकें।

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