रेवाड़ी में मानवता और संवेदनशीलता का सराहनीय उदाहरण पेश करते हुए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) रेवाड़ी की बेंच—चेयरपर्सन श्रीमती श्रुति शर्मा, सदस्य श्रीमती कुसुम लता, श्रीमती एकता रानी, श्री नीतू चौधरी एवं श्री बलजीत यादव—तथा डीसीपीओ दीपिका यादव की उपस्थिति एवं संयुक्त प्रयासों से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ लावारिस बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, 10 जून 2026 को थाना क्षेत्र में एक लावारिस बच्चा मिला, जिसे तुरंत CWC के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बच्चे की काउंसलिंग कर उसे अस्थायी रूप से बाल गृह में रखा गया। 19 जून को बच्चे का मेडिकल परीक्षण PGIMS रोहतक में कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते हुए विशेष देखभाल की आवश्यकता बताई।
CWC के निर्देशानुसार बच्चे को बेहतर देखभाल हेतु CCI सोनीपत में ट्रांसफर किया गया। बच्चे के अत्यधिक आक्रामक स्वभाव के कारण उसे पुनः रेवाड़ी भेजा गया, जहां नशामुक्ति हेतु उसका इलाज शुरू किया गया तथा ट्रॉमा सेंटर में विशेष व्यवस्था की गई। इस दौरान पुलिसकर्मी ASI सुनील कुमार (737/RWR, PS City Rewari) ने अत्यंत धैर्य, संवेदनशीलता और कुशलता के साथ बच्चे से संवाद स्थापित किया, जिससे बच्चे का विश्वास जीता जा सका। पुलिसकर्मी ASI सुनील कुमार की लगन और CWC टीम के निरंतर प्रयासों से बच्चे के परिजनों की खोज शुरू की गई। सोशल मीडिया, पुलिस नेटवर्क एवं अन्य माध्यमों की सहायता से बच्चे की पहचान सुनिश्चित की गई और अंततः आज 16.07.2026 को उसे सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया गया। इस पूरे कार्य में CWC बेंच, डीसीपीओ एवं पुलिस विभाग के समन्वित प्रयासों की सराहना की जा रही है। यह घटना दर्शाती है कि समर्पण, संवेदनशीलता और टीमवर्क से किसी भी बच्चे को उसका सुरक्षित भविष्य दिलाया जा सकता है।
चेयरपर्सन श्रीमती श्रुति शर्मा का संदेश:
सभी नागरिकों से अपील है कि यदि किसी भी स्थान पर कोई लावारिस या लापता बच्चा दिखाई दे, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या निकटतम बाल कल्याण समिति/जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचना दें। आपकी एक छोटी सी पहल किसी बच्चे को उसके परिवार से मिलाने और उसका भविष्य सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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