रेवाड़ी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) रेवाड़ी टीम 2026 द्वारा जिमखाना क्लब में डॉक्टर्स डे का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं भावनात्मक वातावरण में किया गया। इस वर्ष समारोह की थीम “मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया” रखी गई, जिसका उद्देश्य उन वरिष्ठ चिकित्सकों को सम्मानित करना था जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मरीजों की सेवा, समाज के स्वास्थ्य और चिकित्सा जगत के उत्थान को समर्पित कर दिया।
कार्यक्रम में 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ चिकित्सकों को शॉल, स्मृति-चिन्ह एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित चिकित्सकों में डॉ. एस. एन. सक्सेना, डॉ. कैप्टन रमेश यादव, डॉ. आर. एस. यादव, डॉ. आई. एस. यादव एवं डॉ. शीला यादव, डॉ. एन. एस. एवं डॉ. कलावती, डॉ. सुषमा एवं डॉ. बी. बी. कावात्रा, डॉ. एन. एस. धमलावास, डॉ. बी. एल. गोयल, डॉ. रमेश भायाना एवं डॉ. प्रेम भायाना, डॉ. वीना भायाना, डॉ. उषा सचदेवा तथा डॉ. एस पी यादव (पुष्पांजलि हॉस्पिटल) शामिल रहे। इन सभी चिकित्सकों ने अपने लंबे चिकित्सा जीवन में हजारों मरीजों को नई ज़िंदगी दी और चिकित्सा सेवा के उच्च आदर्श स्थापित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईएमए रेवाड़ी की अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि इस वर्ष का डॉक्टर्स डे केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि चिकित्सा सेवा की उस अमूल्य विरासत को नमन करने का प्रयास है जिसे हमारे वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपने समर्पण, अनुशासन, निष्ठा और अथक परिश्रम से स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें डॉ. उषा सचदेवा, डॉ. आर. एस. यादव सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ निकटता से कार्य करने का अवसर मिला है। उनके अनुभवों से उन्होंने सीखा कि चिकित्सा केवल ज्ञान का विषय नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन, निरंतरता, संवेदनशीलता और मानवता का दूसरा नाम है।
उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ चिकित्सकों की सबसे बड़ी पहचान केवल उनकी चिकित्सा विशेषज्ञता नहीं, बल्कि उनका सादगीपूर्ण व्यवहार, मरीजों के प्रति आत्मीयता, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता है।
अपने संबोधन में उन्होंने युवा चिकित्सकों को प्रेरित करते हुए कहा—
“मरीज आपकी डिग्री भूल सकता है, लेकिन आपका व्यवहार कभी नहीं भूलता।”
उन्होंने डॉक्टरों से स्वयं के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने का आह्वान करते हुए कहा कि हम अपने मरीजों को समय पर भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम की सलाह देते हैं, लेकिन स्वयं अक्सर इन बातों की उपेक्षा कर देते हैं। डॉक्टर्स डे हमें यह भी याद दिलाता है कि दूसरों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ स्वयं का स्वस्थ रहना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में चाहे कितनी भी नई तकनीक, अत्याधुनिक मशीनें और रोबोटिक सर्जरी आ जाए, डॉक्टर की संवेदनशीलता, विश्वास और मानवीय स्पर्श का कोई विकल्प नहीं हो सकता।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. राजीव विग एवं डॉ. प्रीति यादव ने प्रभावशाली एवं भावपूर्ण शैली में किया। समारोह के दौरान सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपने चिकित्सा जीवन के अनुभव साझा किए तथा युवा डॉक्टरों को सेवा, ईमानदारी, नैतिक चिकित्सा और मरीजों के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
समारोह के अंत में सभी चिकित्सकों ने कार्यक्रम की थीम “मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया…” को सामूहिक रूप से गुनगुनाते हुए चिकित्सा सेवा की अपनी यात्रा को याद किया। पूरा वातावरण सम्मान, आत्मीयता और भावनाओं से सराबोर रहा।
इस अवसर पर आईएमए रेवाड़ी टीम 2026 की महासचिव डॉ. पूजा अनेजा, कोषाध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी ने सभी वरिष्ठ चिकित्सकों, सदस्यों एवं उनके परिवारों का आभार व्यक्त किया और कहा कि आईएमए रेवाड़ी की सबसे बड़ी शक्ति उसके वरिष्ठ चिकित्सकों का मार्गदर्शन तथा सभी सदस्यों का पारिवारिक सहयोग है।
समारोह में भाग लेने वाले प्रमुख चिकित्सकों में
डॉ. पूनम यादव, डॉ. सरोज मान, डॉ. सुरेखा यादव, डॉ. रुचि सक्सेना, डॉ. मधुरिमा, श्रीमती शेफाली सैनी, श्रीमती उषा यादव, डॉ. मनीषा, डॉ. मनीष, डॉ. सुमित्रा, डॉ. जी. एस. यादव, डॉ. करतार, डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. दीपक यादव, डॉ. प्रशांत, डॉ. सतीश यादव, डॉ. अशोक सैनी, डॉ. योगेंद्र यादव, डॉ. किरण यादव, डॉ. अनुभूति सिंगला तथा डॉ. पी. सी. सिंगला डॉक्टर रमेश यादव डॉक्टर मीन यादव सहित 40 से अधिक चिकित्सक एवं उनके परिवार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन चीफ पैट्रन्स डॉ. नीलम यादव, और पैटर्न डॉ. कविता यादव, डॉ. सरोज मान एवं डॉ. अर्चना यादव के संरक्षण में किया गया।
डॉक्टर पूनम यादव ने कहा यह आयोजन केवल डॉक्टर्स डे का उत्सव नहीं था, बल्कि चिकित्सा सेवा के उन अमूल्य मूल्यों—सेवा, समर्पण, अनुशासन, करुणा और मानवता—को नमन था, जिन्हें हमारे वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपने जीवन से स्थापित किया है। आईएमए रेवाड़ी टीम 2026 ने इस अवसर पर “विरासत को आगे बढ़ाने” का संकल्प भी दोहराया।










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