ग्राम समाचार, भागलपुर। भागलपुर न्यायालय में दो पक्षों के विवाद का सुखद अंत हुआ। प्रथम पक्ष चांदनी देवी एवं द्वितीय पक्ष अनीता देवी कांड संख्या 114/26 एवं 116/26 जो भागलपुर बबरगंज थाना में दर्ज था। गौरतलब है कि बीते 26 जून को शरण राष्ट्रीय मानवाधिकार के हस्तक्षेप पश्चात दोनों पक्षों का समझौता नामा बना था और इन्होंने भविष्य में लड़ाई झगड़ा एवं एफआईआर उठाने की बातें कही थी। जिसे लेकर आज दोनों पक्ष न्यायालय में जज के समक्ष अपनी अपनी बातों को सकारात्मक रूप से रखकर केस मुकदमा वापस लेने की बात कही एवं दोनों पक्ष मिलजुल कर रहने की भी बात कही। इसी बिंदु को देखते हुए जज ने दोनों पक्षों को बरी कर दिया एवं दोनों परिवार की लड़ाई का हुआ सुखद अंत। संस्था के लीगल एडवाइजर एडवोकेट राजेश कुमार जायसवाल ने कहा यह मुकदमा का जो अंत हुआ है, समाज के लिए सकारात्मक संदेश है कि सभी लोग मिलजुल कर रहें। बेवजह लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए। संयम रखना चाहिए और हर विवाद का अंत संवाद है। संवाद से बड़ा-बड़ा कैस का हल हो सकता है। वहीं संस्था के अध्यक्ष डॉ ईशान सिन्हा ने कहा यदि थाना बेहतर तरीके से एफआईआर के पहले दोनों पक्षों से हर विवाद पर संवाद करें तो यह लड़ाई आगे नहीं बढ़ सकती है। समझदारी हर जगह होनी चाहिए।
Bhagalpur News:न्यायालय में दो पक्षों के बीच के विवाद का हुआ सुखद अंत
ग्राम समाचार, भागलपुर। भागलपुर न्यायालय में दो पक्षों के विवाद का सुखद अंत हुआ। प्रथम पक्ष चांदनी देवी एवं द्वितीय पक्ष अनीता देवी कांड संख्या 114/26 एवं 116/26 जो भागलपुर बबरगंज थाना में दर्ज था। गौरतलब है कि बीते 26 जून को शरण राष्ट्रीय मानवाधिकार के हस्तक्षेप पश्चात दोनों पक्षों का समझौता नामा बना था और इन्होंने भविष्य में लड़ाई झगड़ा एवं एफआईआर उठाने की बातें कही थी। जिसे लेकर आज दोनों पक्ष न्यायालय में जज के समक्ष अपनी अपनी बातों को सकारात्मक रूप से रखकर केस मुकदमा वापस लेने की बात कही एवं दोनों पक्ष मिलजुल कर रहने की भी बात कही। इसी बिंदु को देखते हुए जज ने दोनों पक्षों को बरी कर दिया एवं दोनों परिवार की लड़ाई का हुआ सुखद अंत। संस्था के लीगल एडवाइजर एडवोकेट राजेश कुमार जायसवाल ने कहा यह मुकदमा का जो अंत हुआ है, समाज के लिए सकारात्मक संदेश है कि सभी लोग मिलजुल कर रहें। बेवजह लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए। संयम रखना चाहिए और हर विवाद का अंत संवाद है। संवाद से बड़ा-बड़ा कैस का हल हो सकता है। वहीं संस्था के अध्यक्ष डॉ ईशान सिन्हा ने कहा यदि थाना बेहतर तरीके से एफआईआर के पहले दोनों पक्षों से हर विवाद पर संवाद करें तो यह लड़ाई आगे नहीं बढ़ सकती है। समझदारी हर जगह होनी चाहिए।

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