रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के कुशल नेतृत्व एवं कड़े दिशा-निर्देशों के तहत जिला पुलिस रेवाड़ी द्वारा अपराधियों व चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए कोसली पुलिस टीम ने मुस्तैदी और उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का परिचय देते हुए एक अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने गिरोह के 3 सक्रिय व शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
*मामले का विवरण व पृष्ठभूमि:*
डीएसपी बावल श्री सुरेंद्र श्योराण ने आज आयोजित एक प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गांव रोहडाई निवासी राम किशोर (पेशे से किसान) ने थाना रोहडाई में शिकायत दर्ज कराई थी कि गत *12 जुलाई* की तड़के करीब *03:05 AM से 03:15 AM* के बीच अज्ञात चोरों ने उनके प्लॉट का ताला तोड़ दिया। चोर अंदर बंधी *01 भैंस तथा 01 कटिया* को एक पिकअप गाड़ी में लादकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर थाना रोहडाई में मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा,आईपीएस के दिशानिर्देशानुसार मामले की जांच सीआईए कोसली इंचार्ज पीएसआई नितीश कुमार व उनकी टीम को सौंपी गई थी।
सीआईए कोसली ने मुखबिरों की सूचना और तकनीकी संसाधनों (Technical Intelligence) की मदद से जांच को आगे बढ़ाते हुए इस गिरोह के 2 सदस्यों जिला महेंद्रगढ़ के गांव बसई निवासी राजू बंजारा व राजस्थान के जयपुर के गांव जयसिंहपूरा खोर निवासी गोपी उर्फ़ पांडू बंजारा को गत 28 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत से मिले 4 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ के आधार पर सीआईए कोसली ने वीरवार को गिरोह के तीसरे मुख्य साथी *मोहम्मद सलमान* (निवासी बुलंदशहर, यू.पी.) को भी धर दबोचा लिया है।
*वारदात का तरीका:*
डीएसपी श्री सुरेंद्र श्योराण ने गिरोह की कार्यशैली का खुलासा करते हुए बताया कि ये आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते थे:
*रेकी (फर्जी व्यापारी व विक्रेता):* आरोपी *मोहम्मद सलमान* गांवों में फर्जी भैंस व्यापारी बनकर घर-घर जाता था, जबकि राजू बंजारा और गोपी बंजारा गांवों में लहसुन बेचने के बहाने घूमते थे।
*वारदात व परिवहन:* इसके बाद सभी आरोपी मौके पर पिकअप गाड़ी लेकर पहुंचते, और रात के अंधेरे में पशुओ (भैंसो) को लादकर ले जाते थे। इन पशुओ (भैंसो) को यूपी के पशु मेलों में बेच दिया जाता था।
*खुलासे व आपराधिक रिकॉर्ड:*
*आरोपियों ने 6 वारदातों को स्वीकार किया:* पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में आरोपियों ने पिछले 1 महीने के भीतर अंजाम दी गई कुल 6 पशु चोरी की वारदातों को कबूल किया है। इनमें से *4 वारदातें जिला रेवाड़ी, **1 वारदात महेंद्रगढ़* तथा *1 वारदात चरखी दादरी* की शामिल हैं।
*पुराना रिकॉर्ड:* आरोपियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच करने पर उनके खिलाफ पूर्व में भी भैंस चोरी के 3 मामले दर्ज पाए गए हैं।
*डीएसपी बावल की आमजन से अपील:*
डीएसपी बावल श्री सुरेंद्र श्योराण ने ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों व किसानों को सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा:
*"किसान के लिए पशुधन केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी जीविका का मुख्य साधन है। पशु चोरी होने से किसान पर आर्थिक संकट आ जाता है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में भैंस व्यापारी, लहसुन विक्रेता या किसी भी बहाने से घूमने वाले अज्ञात/संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखें। यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित पुलिस थाने या 112 नंबर पर सूचना दें।"*
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार आरोपियों को अदालत से पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि चोरी किए गए मवेशियों की शत-प्रतिशत बरामदगी की जा सके और गिरोह के अन्य फरार सदस्यों (रहीसू व अन्य) को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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