विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर IMA Rewari 2026, नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन (NMO) रेवाड़ी, एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) रेवाड़ी तथा रेवाड़ी ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (ROGS) रेवाड़ी के संयुक्त तत्वावधान में बाल भवन, रेवाड़ी में एक भव्य पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 20 चिकित्सकों, समाजसेवियों एवं पार्क साथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंडियन मेडिकल असोसिएशन रेवाड़ी 2026 की अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि पर्यावरण केवल प्रकृति का विषय नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य, हमारे भविष्य और हमारी आने वाली पीढ़ियों का आधार है।
उन्होंने कहा, “यदि हमें स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और स्वस्थ जीवन चाहिए तो हमें स्वयं आगे बढ़कर प्रकृति के संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। डॉक्टर होने के नाते हमारा कर्तव्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूक करना भी है।”
उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक आदर्श स्थापित किया है, उसी प्रकार “रेवाड़ी को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में देश के अग्रणी शहरों में शामिल करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।”
इस अवसर पर चिकित्सकों एवं पार्क साथियों ने मिलकर पौधारोपण किया तथा पक्षियों के लिए मिट्टी से बने जलपात्र और दानापात्र विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए। लोगों से अपील की गई कि पक्षियों के लिए डाला जाने वाला दाना निर्धारित पात्रों में ही डालें ताकि पार्कों की स्वच्छता भी बनी रहे और पक्षियों को भी सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम के दौरान सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त रेवाड़ी का संदेश भी दिया गया। IMA Rewari की ओर से सूती कपड़ों से तैयार किए गए पर्यावरण-अनुकूल थैलों का वितरण किया गया। लोगों को प्रेरित किया गया कि वे खरीदारी के समय कपड़े के थैलों का प्रयोग करें और प्लास्टिक की थैलियों से दूरी बनाएं।
डॉक्टर पूनम यादव ने कहा कि अक्सर सड़कों और गलियों में फेंकी गई प्लास्टिक की थैलियां पशुओं एवं पर्यावरण दोनों के लिए घातक सिद्ध होती हैं। यदि हम अपनी दैनिक दिनचर्या में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव शामिल करें तो पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए यह संदेश दोहराया—
“तू खुद को बदल, तभी तो ज़माना बदलेगा,
मौजों की कसम, दरिया की कसम, ये ताना-बाना बदलेगा।”
कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पूनम यादव, डॉ. करतार यादव, डॉ. एन.एस. यादव, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. प्रशांत, सुप्रतीक्ष यादव डॉक्टर राम बाबू यादव डॉ. पूनम जैन, डॉक्टर मित्रा सक्सेना डॉ. कृतिका पांडेय सहित अनेक चिकित्सकों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त योग गुरु सुरेश जी, पार्क संरक्षकगण, रविंद्र फार्मासिस्ट, प्रदीप जैन, बेबी सिया एवं अन्य समाजसेवी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
अंत में डॉ. कृतिका पांडेय ने सभी चिकित्सकों, समाजसेवियों, पार्क साथियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 2026 की टीम भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक सेवा एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि—“एक पौधा केवल पेड़ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य की नींव है।”आइए, हम सभी मिलकर हरित, स्वच्छ और स्वस्थ रेवाड़ी के निर्माण में अपना योगदान दें।








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