भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार तीसरी बार रिकॉर्ड 12 वर्ष का कार्यकाल और इससे पूर्व 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात प्रदेश के मुख्यमंत्री का कार्यकाल कुल 9013 दिन का प्रधान सेवक रहने के नरेंद्र मोदी का कीर्तिमान वास्तव में गर्व और प्रेरणा की बात है। 18 नवंबर 1983 से 43 वर्ष का रेजांगला शौर्य समिति के संस्थापक महासचिव का निरंतर 15860 दिनों के दायित्व निर्वहन करने वाले संस्थापक महासचिव वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चौहान राष्ट्रपूत ने प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई प्रेषित की है। अपने बधाई संदेश में उन्होंने श्री मोदी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बनकर राष्ट्र के लिए अपनी घर गृहस्थी का त्याग कर संघ और भारतीय जनता पार्टी की परवरिश तथा अपनी विलक्षण शासकीय प्रबंधन प्रतिभा से इस मुकाम को हासिल करने तथा भाग्य में लिखे प्रबल राज योग का उल्लेख किया है।
प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए पत्र में 1962 के भारत चीन युद्ध के दौरान रेजांगला पोस्ट की दुर्गम व सामरिक महत्व की चोटी पर 18 नवंबर 1962 को 13 कुमाऊं अहीर बटालियन की चार्ली कंपनी के 124 रण बांकुरों ने कंपनी कमांडर मेजर शैतान सिंह भाटी, परमवीर चक्र के नेतृत्व में शौर्य, बलिदान का जो इतिहास रचा उससे प्रेरित होकर एक सिविलियन युवा वकील के नाते विश्व की इस अद्वितीय लड़ाई के प्रेरक पात्रों और किस्सों को युद्ध में जीवित बच्चे चंद योद्धाओं की जुबानी सुनकर इसे जन मानस तक उजागर करने के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि वह आज पूरा होता नजर आ रहा है। हालांकि भारत सरकार ने आजादी के लगभग 8 दशक बाद भी इस लड़ाई को आज तक आधिकारिक रूप से डिकोड नहीं किया है।
प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी द्वारा आपकी उम्मीदवारी घोषित होने के बाद रेजांगला शौर्य समिति की टीम से परामर्श करने पर ही 15 सितंबर 2013 को रेवाड़ी में आपकी प्रथम विशाल जनसभा सैनिक सम्मान रैली के रूप में आयोजित की गई थी। श्री राष्ट्रपूत ने शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों के कल्याण में लीन समिति के सैकड़ो सहयोगियों, पदाधिकारियों की मदद से अपना ग्रहस्थ जीवन भी निर्वहन कर अपने कर्म से भाग्य का निर्माण करने पर प्रधानमंत्री की उपलब्धियां देखकर स्वयं का आकलन करने पर गर्व महसूस होने की बात कही।
पत्र में सरकार, बीजेपी पार्टी ने मोदी जी की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार प्रदान कर श्रेष्ठ और अधिक निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में जुटे नर- नारियों को आत्म चिंतन करने के लिए प्रेरित करने की बात कही है। ऐसे सभी अवैतनिक, निस्वार्थ भाव से समाज सेवा का कार्य करने वाले महानुभाव भी अपने मन की बात प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए अवश्य प्रेषित करें ताकि प्रेरणा का सफर समाज और राष्ट्रहित में निरंतर प्रवाहित होता रहे।


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