भागलपुर/गोड्डा, भागलपुर के सांसद अजय मंडल के कार्यालय में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी के मामले को पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर सुलझा लेने का दावा किया है। इस मामले में भागलपुर और गोड्डा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने पड़ोसी राज्य झारखंड के गोड्डा जिले से एक युवक अमन कुमार झा को गिरफ्तार किया है, जिसकी निशानदेही पर चोरी गई सरकारी पिस्टल और जिंदा कारतूस समेत अन्य सामान बरामद कर लिए गए हैं।
महज 48 घंटे में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
मिली जानकारी के अनुसार, करीब दो दिन पहले भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित सांसद अजय मंडल के आवासीय कार्यालय को चोरों ने निशाना बनाया था। वीआईपी इलाके में स्थित सांसद कार्यालय में चोरी की इस वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, खासकर इसलिए क्योंकि चोरों के हाथ सुरक्षा में तैनात गार्ड की सरकारी पिस्टल लग गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भागलपुर पुलिस तुरंत एक्शन में आई और तकनीकी सर्विलांस व खुफिया इनपुट्स की मदद से चोरों का सुराग लगाना शुरू किया।
गोड्डा में छापेमारी, अमन कुमार झा गिरफ्तार
जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस की टीमें झारखंड के गोड्डा जा पहुंचीं। वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में गोड्डा के एसडीपीओ (SDPO), नगर थाना प्रभारी, सार्जेंट मेजर और भारी संख्या में पुलिस बल शामिल था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोड्डा के ही रहने वाले अमन कुमार झा नाम के युवक को धर दबोचा। जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी अमन कुमार झा की निशानदेही पर पुलिस ने वो तमाम सामान बरामद कर लिया है, जो सांसद कार्यालय से गायब हुआ था। बरामद किए गए सामानों की सूची इस प्रकार है:
- सरकारी पिस्टल: सुरक्षा गार्ड के नाम आवंटित आधिकारिक पिस्टल।
- 35 जिंदा कारतूस: पिस्टल के साथ चोरी की गई गोलियां।
- दफ्तर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR), यूपीएस (UPS) और कंप्यूटर का मॉनिटर।
डीवीआर की बरामदगी अहम: चोर ने दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) भी चुरा लिया था ताकि उसकी कोई फुटेज पुलिस के हाथ न लगे। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई।
सुरक्षा को लेकर उठ रहे हैं सवाल
सांसद कार्यालय जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की सेंधमारी ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से ही राजनीतिक गलियारों और स्थानीय लोगों के बीच वीआईपी ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। लोगों का कहना है कि जब जन प्रतिनिधियों के दफ्तर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा।
आगे की कानूनी कार्रवाई
फिलहाल, भागलपुर पुलिस ने आरोपी अमन कुमार झा को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से अभी और पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वारदात में उसके साथ कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इस पूरी घटना को अंजाम दिया। पुलिस इलाके में सक्रिय अन्य संदिग्धों पर भी नजर रख रही है।
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