मुख्य खुलासे:
- 120 प्रयोगशालाएं, 30+ देश: ODNI (Office of the Director of National Intelligence) के अनुसार, इन प्रयोगशालाओं में कई खतरनाक और अत्यधिक संक्रामक रोगजनकों (pathogens) पर शोध किया गया ।
- यूक्रेन में 40+ लेब: डिक्लासिफाइड रिकॉर्ड्स में दिखा कि यूक्रेन में अमेरिका द्वारा फंडिंग दिए 40 से अधिक प्रयोगशालाएं थीं, जिनमें सोवियत-युग के जैविक युद्ध रोगजनकों पर शोध किया गया ।
- खतरनाक रोगजनक: इन प्रयोगशालाओं में एंथ्रैक्स, एग्लोबा, MERS, SARS और प्लेग जैसे besonders खतरनाक रोगजनकों पर कार्य किया गया ।
- गेन-ऑफ-फंक्शन रिसर्च: कई मामलों में "गेन-ऑफ-फंक्शन" शोध भी किया गया — यह एक विवादित वैज्ञानिक क्षेत्र है जो वाइरस और अन्य जीवों की संक्रमण क्षमता या गंभीरता बढ़ा सकता है ।
- दर्ज निगरानी नहीं: ODNI ने कहा कि इन प्रयोगशालाओं पर पर्याप्त निगरानी नहीं थी, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है ।
यूक्रेन-रूस युद्ध की चिंता:
गबार्ड ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन में ये प्रयोगशालाएं रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण "compromise" (गोपनीयता भंग) के जोखिम में हैं । खुफिया समुदाय पहले से चेतावनी दे चुका था कि यूक्रेन में अमेरिकी फंडिंग वाली एक लैब में खतरनाक रोगाणु मौजूद हो सकते हैं और रूस के हमले से उनका नुकसान बना हुआ है ।
ट्रंप का एडजॉक्ट:
गबार्ड ने कहा कि यह जानकारी "पीछे президент डोनाल्ड ट्रंप के किसी एडजॉइट ऑर्डर" का समर्थन करती है, जिसके तहत ट्रंप ने 2025 में गेन-ऑफ-फंक्शन रिसर्च को दिया जाने वाला अमेरिकी फंड रोकवा दिया था ।
रूस का रिएक्शन:
रूस ने इस खुलासे पर हेडलाइन बनाकर चलाया है कि "हम 30 तक ही सहमत थे, तो 120 से ज्यादा लैब चलाते हैं" । रूसी डिप्लोमेट वैजली नेबायो जाना ने खुद अमेरिका के द्वारा मदद से लगभग 30 से अधिक बायोपन प्रोग्राम चलाए जाने को क्लेम किया था ।
गबार्ड का स्टेटमेंट:
गबार्ड ने ट्वीटर पर कहा: -"आज, मैं कभी नहीं देखी गई खुफिया जानकारी जारी कर रही हूं जो 30 से अधिक देशों में 120 से अधिक बायोलैब्स में पिछले अमेरिकी सरकार के फंडिंग का नया सबूत दिखाती है, यूक्रेन सहित। यह पीछे प्रेसिडेंट ट्रंप के एडजॉइट ऑर्डर का समर्थन करती है जो खतरनाक गेन-ऑफ-फंक्शन शोध को रोकने के लिए है" ।
ODNI ने भी कहा: "ODNI पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करेगा कि ये लेब्स कहाँ हैं, उनमें क्या रोगजनक हैं, और अमेरिकी और वैश्विक लोगों की स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा देने वाले गेन-ऑफ-फंक्शन रिसर्च को रोकने के लिए" ।
यह खुलासे वैश्विक भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। 2017 से 2019 के बीच अमेरिका और साउथ कोरिया के बीच कई बायोकेमिकल सैंपल्स एक्सचेंज हुए हैं । जैविक हथियारों पर वर्ल्ड में एक कन्वेंशन बनाया हुआ है (बायोलॉजिकल वेपन्स कन्वेंशन - BWC), जिसमें 80 देशों के एक्सपर्ट और राजनयिकों ने बातचीत की ।
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