Bhagalpur News:मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी रहमतुल्लाहि अलैहि के इंतिकाल पर शोक
ग्राम समाचार, भागलपुर। खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादानशीन मौलाना सैयद फखरे आलम हसन ने सोमवार को बताया कि महान इस्लामी चिंतक, प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन, मफ़स्सिर-ए-क़ुरआन, मुहद्दिस, लेखक, शिक्षाविद् और अंतरराष्ट्रीय इस्लामी व्यक्तित्व हज़रत मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी रहमतुल्लाहि अलैहि इस नश्वर संसार को अलविदा कहकर अपने रब की बारगाह में उपस्थित हो गए। यह इस्लामी जगत, धार्मिक एवं शैक्षिक संसार, विद्वानों, चिंतकों तथा मानवता से प्रेम करने वाले लोगों के लिए अत्यंत दुःख और शोक का विषय है। मौलाना साहब ने अपना संपूर्ण जीवन इस्लाम की मूल शिक्षाओं, क़ुरआन और हदीस, फ़िक़्ह, तफ़्सीर, ज़ुह्द व तक़वा, नैतिकता, इंसाफ़, समानता, भाईचारे और मानवता की सेवा के संदेश को दुनिया भर में पहुँचाने में व्यतीत किया। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों और लेखों की रचना की जिनसे दुनिया भर के विद्वान और विद्यार्थी लाभान्वित हुए। विश्व के विभिन्न देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, धार्मिक संवादों और बौद्धिक मंचों पर उनकी वाणी को बड़े सम्मान के साथ सुना जाता था। वे सदैव एक ईश्वर की उपासना, मानवता से प्रेम, न्याय, समानता, शांति और भाईचारे का संदेश देते रहे। उन्होंने प्रसिद्ध शिक्षण संस्था दारुल उलूम नदवतुल उलमा में लगभग चालीस वर्षों तक हदीस, तफ़्सीर, क़ुरआन और हुज्जतुल्लाह अल-बालिग़ा जैसे विषयों का अध्यापन किया। उनके लाखों शिष्य और अनुयायी आज विश्व के विभिन्न देशों में इस्लाम, मानवता, समानता और सद्भाव का संदेश पहुँचा रहे हैं। लेखक का भी लगभग तीस वर्षों से मौलाना साहब से घनिष्ठ संबंध रहा। इससे पूर्व हमारे स्वर्गीय पिता जनाब शाह हसन मानी साहब रहमतुल्लाहि अलैहि का भी उनसे गहरा धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक संबंध रहा। मौलाना साहब ने अनेक अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और सम्मेलनों में हमें अपने साथ रखा, मार्गदर्शन दिया और उनके व्यक्तित्व को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया। उनकी विद्वत्ता, सादगी, विनम्रता, मानवता के प्रति प्रेम और विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव स्थापित करने के प्रयास सदैव स्मरणीय रहेंगे। आज विश्वभर से उनके शिष्यों, प्रशंसकों, विद्वानों और शुभचिंतकों के शोक संदेश प्राप्त हो रहे हैं। हर व्यक्ति इस महान क्षति पर दुःख व्यक्त कर रहा है। हम अल्लाह तआला से दुआ करते हैं कि वे हज़रत मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी रहमतुल्लाहि अलैहि की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनके दर्जे बुलंद करे, उनके परिवारजनों, शिष्यों और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उनकी शैक्षिक, धार्मिक और मानवीय सेवाओं को क़ुबूल फ़रमाए। अल्लाह तआला उनके लगाए हुए इल्मी और तालीमी पौधे को और अधिक फलने-फूलने की तौफ़ीक़ दे तथा हमें उनके मिशन को आगे बढ़ाने की शक्ति प्रदान करे।

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