गोड्डा कॉलेज में हाल ही में उर्दू, समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, दर्शनशास्त्र और साइकोलॉजी — कुल पांच विषयों की पढ़ाई अचानक बंद कर दी गई, जिसके विरोध में सैकड़ों छात्रों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने "रिस्ट्रक्चरिंग" के नाम पर इन पांच विषयों को बंद करने का निर्णय लिया है, जबकि इन विषयों में सैकड़ों विद्यार्थी नियमित रूप से पढ़ रहे थे और अब उनकी पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई है।
छात्रों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के विषय बंद किए गए और हजारों छात्रों के भविष्य से खेला गया। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई और प्रशासनिक लापरवाही से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। गोड्डा कॉलेज परिसर में पहुंचे छात्रों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है और वे स्पष्ट मांगें रख रहे हैं।
छात्रों की मुख्य मांगें हैं कि बंद किए गए पांचों विषयों की पढ़ाई तुरंत पुनः शुरू की जाए, छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, और उच्च शिक्षा विभाग के इस निर्णय पर समीक्षा की जाए। इस घटना से गोड्डा जिले के शिक्षा क्षेत्र में चिंता व्याप्त है और छात्रों की मांगों पर प्रशासन का कदम जल्द उठाना अपेक्षित है। यह खबर प्रभात खबर द्वारा रिपोर्ट की गई है और गोड्डा स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
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