रेवाड़ी, 11 अप्रैल 2026। किशन लाल पब्लिक कॉलेज के आईक्यूएसी (IQAC) एवं रिसर्च सेल द्वारा मणिपाल यूनिवर्सिटी कॉलेज, मलेशिया के सहयोग से ऑनलाइन माध्यम (Zoom) के जरिए आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य एवं मानविकी के माध्यम से बहुविषयक मार्ग” का आज दूसरे दिन सफलतापूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन के सत्र की शुरुआत प्रातः 10:00 बजे अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुई, जिसका संचालन संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. ऋचा शर्मा द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. करण सिंह, डीन, स्टूडेंट वेलफेयर, इन्दिरा गांधी यूनिवर्सिटी, मीरपुर उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि और के.एल.पी कॉलेज की प्राचार्या प्रोफ़ेसर कविता गुप्ता ने मां सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के लिए विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य केवल एक सपना नहीं, बल्कि एक ठोस रणनीति है जिसके दो सबसे मजबूत स्तंभ हैं GDP (आर्थिक शक्ति) और युवा शक्ति। इसके पश्चात, मुख्य आकर्षण के रूप में प्लेनरी सत्र में डॉ पी गोविंदराजू, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ़ एनाटॉमी, मणिपाल यूनिवर्सिटी कॉलेज, मलेशिया ने अपने संबोधन में विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण, नवाचार, तकनीकी उन्नति तथा वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को शोध के नए आयामों की ओर प्रेरित करते हुए व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में सम्मेलन संयोजक डॉ. अनुराधा दीपक ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मंच शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर अपने विचार साझा करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। इसके उपरांत समानांतर तकनीकी सत्रों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसमें विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन के प्रथम दिवस में कुल 9 तकनीकी सत्रों का सफल आयोजन किया गया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए द्वितीय दिवस में 10 तकनीकी सत्र रखे गए। कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री रिपुदमन गुप्ता, उपाध्यक्ष श्री संदीप खंडेलवाल, महासचिव श्री अरविंद गुप्ता एवं कोषाध्यक्ष श्रीमती ऊषा रुस्तगी ने इस सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। इससे उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होता है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे, जिससे विद्यार्थियों में शोध एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहन मिले।
कार्यक्रम के समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर अशोक कुमार शर्मा, अध्यक्ष, रसायन विज्ञान विभाग, दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलोजी (DCRUST), मुरथल ने सम्मेलन के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ज्ञान, शोध और नवाचार का एक उत्कृष्ट मंच है, जहाँ विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा कर रहे हैं। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को नई दिशा देने के साथ-साथ उन्हें वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में ऐसे शैक्षणिक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस समापन सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. नरेश कौशिक, प्राचार्य, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, बावल, ने समापन संबोधन देते हुए अपने प्रेरणादायक विचार साझा किए तथा आयोजन की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। तत्पश्चात, इस कार्यक्रम के आयोजन सचिव श्री राकेश कुमार ने कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके उपरांत सम्मेलन के संयोजक डॉ. दिनेश कुमार द्वारा औपचारिक रूप से धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस प्रकार कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
अंत में के.एल. पी कॉलेज की प्राचार्या प्रोफ़ेसर कविता गुप्ता ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दो दिवसीय सम्मेलन ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य एवं मानविकी के विभिन्न आयामों को एक मंच पर लाकर विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्मेलन का सफल आयोजन संस्थान की शैक्षणिक प्रतिबद्धता, अनुसंधान उन्मुखता एवं वैश्विक सहयोग को दर्शाता है। सम्मेलन का समापन दिवस अत्यंत रोचक, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा, जिसमें विभिन्न सत्रों के माध्यम से विद्वानों एवं शोधार्थियों ने अपने विचारों और शोध कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। पूरे दिन का वातावरण उत्साह, जिज्ञासा और शैक्षणिक आदान-प्रदान से परिपूर्ण रहा। इस कार्यक्रम की सफलता में के.एल.पी कॉलेज परिवार के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा।



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