डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है जोकि सार्वजनिक रूप से आख्या तीज के नाम से भी प्रचलित है। सामाजिक प्रथा अनुसार अक्षय तृतीया पर लोगों द्वारा बड़ी संख्या में विवाह, शादियों का आयोजन किया जाता है जिसकी आड़ में बाल विवाह होने का भी अंदेशा बना रहता है। बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है और बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार कानूनन अपराध है। बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर विवाह करवाने वाले पुजारी, पाठी, गांव के पंच, सरपंच, नंबरदार व शहरों में नगर पार्षदों एवं सामुदायिक केन्द्र, सार्वजनिक भवन, बैंकट हाल, मैरिज पैलेस, धर्मशाला इत्यादि के मालिक/प्रभारियों कार्ड प्रिंटिंग, फोटोग्राफर, बैंड बाजा व टेंट हाउस आदि के संचालकों को निर्देश दिए है कि वे अपने क्षेत्र में आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले से दूल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच कर लें व आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें। अपने क्षेत्र में बाल विवाह का आयोजन न होने दें। ऐसा पाए जाने पर इसकी सूचना प्रशासन को दें और बाल विवाह रोकना सुनिश्चित करें।
जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेद्य अधिकारी सरिता शर्मा ने बताया कि विवाह के लिए लडक़ी की शादी की उम्र 18 वर्ष व लडक़े की शादी की उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व विवाह करना कानून्न अपराध है। नियम के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्यवाही किए जाने का भी प्रावधान है, जिसके तहत 2 साल की जेल व एक लाख रुपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान हैै। उन्होंने कहा कि झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के आयोजन के संबंध में सूचना समय रहते नजदीक के पुलिस थाना, चौकी में, आंगनवाड़ी वर्कर, डब्ल्यू सीडीपीओ, बाल संरक्षण अधिकारी, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास, एसडीएम, बीडीपीओ, तहसीलदार, सीटीएम, पुलिस अधीक्षक व बाल विवाह निषेध अधिकारी व पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, तथा महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर दी जा सकती है।
*राजकीय महाविद्यालय बावल में किया जागरूकता कार्यक्रम*
राजकीय महाविद्यालय बावल में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहायक संरक्षण अधिकारी प्रमोद कुमार ने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलवाते हुए दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार कानूनन अपराध है। उन्होंने बाल विवाह के आयोजन के संबंध में जिला प्रशासन, सरपंच, पार्षद व पुलिस आदि को सूचना अवश्य दें, ताकि बाल विवाह होने से रोका जा सके। इस अवसर पर काफी संख्या में विद्यार्थी व स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।





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