उपायुक्त ने बताया कि यह जनगणना दो चरणों में होगी। पहला चरण मकान सूचीकरण और गणना (House Listing Operation) का होगा, जिसमें नागरिक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी मिलेगा। यह सुविधा प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाएगी। पहला चरण 1 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा। 1 से 15 मई तक se.census.gov.in पोर्टल पर लोग खुद जानकारी भर सकेंगे, उसके बाद 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाएंगे।
जिले में 2604 प्रगणकों और 446 पर्यवेक्षकों की भर्ती हो चुकी है, कुल 3050 सरकारी कर्मी लगाए गए हैं। प्रशिक्षण के लिए 11 चार्ज (9 ग्रामीण, 2 शहरी) बनाए गए हैं, जहां 44 फील्ड ट्रेनर्स 27 अप्रैल से 11 मई तक ट्रेनिंग दे रहे हैं। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि स्व-गणना का फायदा उठाएं और प्रगणकों को सही जानकारी दें, ताकि योजनाएं सटीक आंकड़ों पर बने।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। प्रगणक परिवार के मुखिया या सदस्य से 33 सवाल पूछेंगे, जिनके जवाब HLO ऐप पर ऑनलाइन दर्ज होंगे। इससे डेटा तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगा। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी राजेश पाठक ने तकनीकी विवरण दिए और मीडिया के सवालों के जवाब दिए।
मौके पर अपर समाहर्ता प्रेमलता मुर्मू, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अविनाश पूर्णेन्दु, नगर प्रशासक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अरविंद प्रसाद अग्रवाल उपस्थित थे।
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