रेवाड़ी में ऐतिहासिक काली माता मंदिर संत फकीर धाम सराय बलभद्र में हवन पूजन के साथ संत समाधि की हुई स्थापना। धार्मिक कार्यक्रम में कन्या पूजन, ब्राह्मण पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया।
रेवाड़ी के मोहल्ला सराय बलभद्र स्थित काली माता मंदिर संत फकीर धाम में ब्रह्मलीन संत पूज्य नीलकमल नाथ जी महाराज की समाधि की स्थापना की गई। कार्यक्रम की शुरुआत हवन पूजन के साथ की गई यज्ञब्रह्मा के रूप में पंडित पुरुषोत्तम जी महाराज व शास्त्री मनीष शर्मा ने पूजा पाठ सम्पन्न कराया व समाधि की प्राण प्रतिष्ठा की गई।
मोहित रामपुरा ने बताया कि रेवाड़ी में पहला और हरियाणा में पांचवां बलराम जी का मंदिर है जहां हर माह कोई ना कोई धार्मिक आयोजन होते हैं। 19 अप्रैल को यहां 1400 साल पुरानी संत की समाधि मिली है जिसका 20 अप्रैल को हरिद्वार गंगा स्नान कराने के बाद मंदिर प्रांगण में स्थापना की गई। इस उपलक्ष में आज सुबह हवन यज्ञ किया गया तत्पश्चात कन्या पूजन ब्राह्मण पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया।
इस मौके पर मंदिर महंत अभय सिंह महाराज तथा पंडित पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि कई सिद्ध संतों ने इस स्थान पर संत नीलकमल नाथ जी के नाम से यहां स्थान बताया था जो कि प्राचीन समय में मैया महाकाली के पुजारी थे। संत कमल नाथ के सानिध्य में हरिद्वार हर की पौड़ी पर समाधि निर्माण हेतु ईंटों का पूजन करवाकर लाया गया था और आज उन्हें समाधि निर्माण में स्थापित किया गया।
इस मौके पर महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन किया गया। इस दौरान मंदिर से जुड़े भक्तजन व मंदिर कमेटी के सदस्य, प्रमुख समाजसेवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहें।




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