Rewari News :: विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर रेवाड़ी जिले में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन

रेवाड़ी में शनिवार को विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर रेवाड़ी जिले के विभिन्न पशु चिकित्सा संस्थानों में पशुपालकों के लिए अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया। उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के अलग-अलग संस्थानों में यह दिवस विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया गया।


राजकीय पशु चिकित्सालय एवं पॉलिक्लिनिक, सहारन वास में 25 अप्रैल को निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पालतू एवं आवारा कुत्तों व बिल्लियों का मुफ्त टीकाकरण किया गया। साथ ही रेबीज बीमारी के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसी प्रकार, राजकीय पशु चिकित्सालय माजरा श्योराज में डॉ. नताशा द्वारा एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। डॉ नताशा द्वारा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माजरा श्योराज में छात्राओं को ज़ूनोटिक रोगों (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों) के बारे में जागरूक करने हेतु एक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।


इस सत्र में विशेष रूप से रेबीज एवं ब्रुसेलोसिस पर प्रकाश डाला गया। छात्राओं को इन बीमारियों के फैलने के तरीके, लक्षण, बचाव के उपाय तथा इनके प्रति सतर्क रहने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। नांगल मूंदी में डॉ. निशा एवं डॉ. साहिल द्वारा पशु स्वास्थ्य देखभाल शिविर लगाया गया। वहीं फिदेरी में डॉ. बिजेन्द्र द्वारा राजकीय माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को रेबीज से बचाव, जूनोटिक बीमारियों तथा खाद्य सुरक्षा के विषय में जागरूक किया गया। वरिष्ठ पशु चिकित्सक, पॉलिक्लिनिक सहारणवास डॉ. प्रदीप जांगड़ा ने बताया कि रेबीज एक घातक एवं जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित पशु के काटने से मनुष्यों में भी फैल सकती है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेबीज रोग पर नियंत्रण एवं इसके उन्मूलन की दिशा में कार्य करना है।


उन्होंने बताया कि कुत्तों में रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है। समय पर टीकाकरण कराने से न केवल पशुओं में बीमारी का खतरा कम होता है, बल्कि वायरस के प्रसार को भी रोका जा सकता है। यदि कोई पशु संक्रमित हो जाता है, तो उसके काटने से यह संक्रमण अन्य पशुओं एवं मनुष्यों में फैल सकता है, इसलिए टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।

रेबीज टीकाकरण के प्रमुख लाभ:

रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से प्रभावी सुरक्षा

पालतू एवं आवारा पशुओं में संक्रमण की रोकथाम

मनुष्यों में संक्रमण के खतरे में कमी

सामुदायिक स्तर पर बीमारी के प्रसार पर नियंत्रण

पशुपालकों की आर्थिक हानि से बचाव

शिविर में पशुपालकों एवं आम नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों को अनिवार्य रूप से टीकाकरण हेतु लेकर आएं तथा आवारा पशुओं के टीकाकरण में भी सहयोग करें ताकि क्षेत्र को रेबीज मुक्त बनाया जा सके।

इस अवसर पर पॉलिक्लिनिक सहारणवास में डॉ. प्रदीप जांगड़ा, डॉ. भूपेंद्र यादव, डॉ. शेखर यादव, डॉ. चेतन, डॉ. नेहा तथा अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे साथ ही पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, स्वच्छता एवं रोग नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई।

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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरियाणा)

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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