इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) रेवाड़ी के द्वारा वर्ल्ड टीबी डे के अवसर पर टीबी को लेकर कई संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। “जन-जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त भारत अभियान” थीम के अंतर्गत यह पहल पूरे जिले में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से की गई।
इस अभियान के तहत सबसे पहले पुष्पांजलि हॉस्पिटल के प्रांगण में वर्ल्ड टीबी डे मनाया गया, जहां लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया गया। इसके पश्चात सिविल हॉस्पिटल, रेवाड़ी के ट्रॉमा सेंटर में भी एक प्रमुख जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया, PMO डॉ. सुरेंद्र यादव, डिस्ट्रिक्ट टीबी ऑफिसर डॉ. विक्रम यादव तथा WHO कंसल्टेंट डॉ. कृतिका बंसल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर रेवाड़ी जिले के उन गांवों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने टीबी उन्मूलन की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। पाँच गांवों के सरपंचों को गोल्ड सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया, जहां पिछले तीन वर्षों से टीबी का कोई मामला सामने नहीं आया। वहीं 22 गांवों के सरपंचों को ब्रॉन्ज सर्टिफिकेट प्रदान किए गए, जहां पिछले दो वर्षों से टीबी का कोई केस नहीं मिला है। यह उपलब्धि पूरे रेवाड़ी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम के दौरान “टीबी मुक्त भारत” अभियान को सशक्त बनाने के लिए सभी उपस्थित जनों ने शपथ ली।
IMA रेवाड़ी के अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर पहचान, नियमित दवा और सही मार्गदर्शन से इसका पूर्ण उपचार संभव है। जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है।” डॉक्टर पूजा अनेजा ने बताया कि “केवल टीबी मरीज ही नहीं, बल्कि जिन परिवारों में टीबी का मरीज है, वहां सभी सदस्यों को केमो-प्रोफाइलेक्सिस लेना आवश्यक है, ताकि संक्रमण को रोका जा सके।”
इस अवसर पर टीबी स्पेशलिस्ट डॉ. राजीव विग ने भी अपने विचार साझा करते हुए समय पर जांच और पूर्ण उपचार के महत्व पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, IMA रेवाड़ी द्वारा यदुवंशी हॉस्पिटल, मियावाली पंचायत सहित अन्य संस्थानों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां आमजन को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जानकारी दी गई।
पुष्पांजली हॉस्पिटल स्थित कार्यक्रम में डॉक्टर नवदीप यादव डॉक्टर अश्विनी यादव डॉक्टर मनीषा समेत कई डॉक्टरों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोर्डिनेटर मिसेज़ विनीता और इसे सीमा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा सभी ने एक स्वर में “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया।






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