Rewari News :: कांगड़ा नगर कोट माता के दर्शनों के पश्चात रेवाड़ी ऐतिहासिक काली माता मंदिर संत फकीर धाम में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया


रेवाड़ी में काली माता मंदिर संत फकीर धाम सराय बलभद्र में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन। हिमाचल प्रदेश कांगड़ा नगरकोट माता के दर्शनों के पश्चात रेवाड़ी के मंदिर में मूर्ति विराजमान कर रात्रि जागरण एवं आज हवन यज्ञ एवं भंडारा आयोजित।


रेवाड़ी के ऐतिहासिक काली माता मंदिर संत फकीर धाम सराय बलभद्र में वीरवार को हवन यज्ञ एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहरवासियों ने बढ़ चढक़र भाग लिया और मंदिर में मत्था टेककर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। 


मंदिर के गद्दीनशीन महंत बाबा अभय सिंह गिरी महाराज ने बताया कि पिछले महीने 19 फरवरी को मंदिर कमेटी की ओर से हिमाचल प्रदेश में नगर कोट की यात्रा पर गए थे जहां से सभी देवी मंदिरों मां ज्वालाजी, चिंतपूर्णी, चामुंडा देवी तथा नगर कोट कांगड़ा के दर्शन करते हुए खड़िया रूप में माता की प्रतिमा लेकर रेवाड़ी आए थे जिसको 25 मार्च को विधि विधान से यहां मंदिर में विराजमान किया गया। 


मंदिर के पुजारी पंडित मुकेश शास्त्री ने बताया कि गत रात्रि डंके का जागरण कर धूमधाम से रात जगाई गई और कढ़ी बाजरे का प्रसाद वितरित किया गया। जिसमें दिल्ली, गुड़गांव, झज्जर, पटौदी, रेवाड़ी आदि स्थानों से भक्तगण आए थे और डंके की रात जगाई। माता का डंके का जागरण कर भजन कीर्तन किया गया। 


मंदिर के प्रमुख सेवादार मोहित रामपुरा ने बताया कि आज सुबह पंडित पुरुषोत्तम शर्मा की ओर से हवन यज्ञ किया गया इसके पश्चात कन्या पूजन और ब्राह्मणों को भोजन करवाने के बाद भंडारा शुरू किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में पहुंचकर शहर वासियों ने मंदिर में धोक लगाई और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। 


मोहित रामपुरा ने बताया कि रेवाड़ी में पहला और हरियाणा में पांचवां बलराम जी का मंदिर है जहां हर माह कोई ना कोई धार्मिक आयोजन होते हैं। पिछले माह भी डंके की रात जगाई गई थी। जनवरी में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर हवन यज्ञ एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था। इससे पूर्व सितंबर में भागवत कथा का आयोजन किया गया था।

Share on Google Plus

Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरियाणा)

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार का संवाददाता बनने के लिए यहां क्लिक करें

- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें