केन्द्र एवं राज्य सरकार की मजदूर व कर्मचारी विरोधी व कार्पोरेपरस्त नीतियों के खिलाफ हजारों मजदूरों कर्मचारियों ने हड़ताल करके रेवाड़ी नेहरू पार्क में जुलुश निकाला। इस हड़ताल का आह्वान देश की दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों, केन्द्र एवं राज्य सरकार और पीएसयू के कर्मचारियों के सैकड़ों कर्मचारी संघों की फेडरेशनों ने संयुक्त रूप से किया था।
संगठन नेताओं ने कहा कि सरकार ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड्स बनाए हैं। उन्होंने कहा कि यह लेबर कोड्स मजदूरों और कर्मचारियों के लिए गुलामी का दस्तावेज हैं। यह हमेशा के लिए स्थाई नौकरी और रोजगार सुरक्षा को खत्म कर देगा। कार्य दिवस 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने का निर्णय बेहद खतरनाक है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य में अभी तक भी 30000 रूपये न्यूनतम वेतन की मांग को सरकार स्वीकार नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार बिजली बिल 2025 को लागू बिजली के ढांचे को तहस नहस करना चाहती है। जनता पर आर्थिक बोझ डालना चाहती है जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार से सीड्स बिल किसानों को कार्पोरेट कंपनियों का गुलाम बनाने का मामला है। सरकारी ओर सार्वजनिक क्षेत्र को बड़े देशी विदेशी कार्पोरेट घरानों को लुटवाया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी भाजपा तहस नहस कर रही है।
उन्होंने कहा कि हड़ताल के प्रमुख मुद्दों में लेबर कोड्स को वापस करवाना, मनरेगा की पुनः बहाली पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली, राज्य में न्यूनतम वेतन 30000 रुपए करवाने, सभी प्रकार के अस्थाई, ठेका कर्मियों, एच के आर एन कर्मियों, आशा, मिड डे मील, आंगनवाड़ी कर्मियों, ग्रामीण चौकीदार, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों आदि नियमित हों, निर्माण श्रमिकों के कल्याण बोर्ड से सुविधाएं जारी हो, आठवें पे कमीशन की अधिसूचना जारी करने और राज्य कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग का गठन करने जैसी मांगे प्रमुख रूप से उठाई जा रही हैं।
*हड़ताल की प्रमुख मांग:*
1. मजदूर विरोधी लेबर कोड्स वापस लो।
2. न्यूनतम वेतन 30000 रु. करो।
3. ठेका प्रथा, निजीकरण बंद करो।
4. 30 दिसम्बर हाई कोर्ट का निर्णय लागू करते हुए अस्थाई / कच्चे कर्मियों / एच के आर एन/स्कीम वर्कर्स को स्थाई करो।
5. खाली पदों पर स्थाई भर्ती करो। नए पद सृजित करो।
6. निर्माण मजदूरों का पोर्टल शुरू करो- सुविधाएं दो।
7. बीवी जी राम जी रद्द करो, मनरेगा को मजबूत करके बहाल करो ।
8. न्यूनतम पेंशन 10000 रु. मासिक करो।
9. बिजली बिल 2025 रद्द करो। पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करो।
10. सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करो।
11. बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI का निर्णय वापिस लो।
12. सभी फसलों पर एमएसपी व खरीद की गारंटी करो,
13. किसान- मजदूरों के कर्जे माफ करो।
14. परमाणु ऊर्जा संयंत्रों बारे 'शांति' अधिनियम, बीज बिल-2025 रद्द करो।


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