शिक्षा ही वह रोशनी है जिससे तमाम अंधेरों को दूर किया जा सकता है: सैयद हसन
ग्राम समाचार, भागलपुर। खानकाह पीर दमड़िया शाह खलीफा बाग, भागलपुर की ओर से आयोजित शैक्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अब्दुल कादिर ने कहा कि बच्चों के लिए सबसे बड़ी समस्या शिक्षा के साथ संस्कार की है, जिसे शाहीन ग्रुप बखूबी पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए कर्नाटक का रुख करते हैं, लेकिन अब उन्हें वहां जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि शाहीन बीदर जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था अब भागलपुर में भी खानकाह पीर दमड़िया शाह की ओर से गोराडीह प्रखंड के कुरूडीह में की जा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भागलपुर एक बार फिर शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनेगा और देश-विदेश से छात्र यहां आकर शिक्षा प्राप्त करेंगे। डॉ. अब्दुल कादिर ने कहा कि बच्चों को आईएएस, डॉक्टर या इंजीनियर बना देना ही पर्याप्त नहीं है, यदि उनका सही संस्कार न हो तो सब व्यर्थ है। वही कौम तरक्की कर सकती है जो अपनी नस्ल और तहजीब की हिफाजत करती है। उन्होंने कहा कि शाहीन ग्रुप को शैक्षिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिशों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए छात्र और छात्राओं की शिक्षा की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। समाज में बच्चे गलत वातावरण से प्रभावित हो जाते हैं, इसलिए उन्हें स्वच्छ और बेहतर माहौल देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश के युवाओं में अपार क्षमता है और देश फिर से सोने की चिड़िया बन सकता है, बशर्ते युवा शिक्षित हों। उन्होंने खेल और औद्योगिक विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया तथा कहा कि देश में भाईचारे और प्रेम का वातावरण अत्यंत जरूरी है। इस अवसर पर खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादानशीन मौलाना सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि इस शैक्षिक सम्मेलन का उद्देश्य भागलपुर की धरती पर ऐसे संस्थान की स्थापना करना है जो समाज के अंधकार को दूर कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह रोशनी है जो भटकाव, अज्ञानता और पिछड़ेपन के अंधेरे में घायल मानवता के जख्मों पर मरहम का काम करती है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उसी उद्देश्य की पहली कोशिश है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी। भविष्य के लिए जो रूपरेखा तैयार की जा रही है, उससे छात्र-छात्राएं सभी सुविधाओं के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और देश के साथ अपनी कौम की सेवा करेंगे। इस अवसर पर राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशादुल्लाह ने कहा कि खानकाह पीर दमड़िया शाह का यह कदम ऐतिहासिक है। खानकाह पहले से धार्मिक, सुधारात्मक और शैक्षिक क्षेत्र में सक्रिय रही है। आवासीय विद्यालय की स्थापना से भागलपुर के शैक्षिक स्तर में चार चांद लग जाएंगे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में सैयद शाह अली सज्जाद ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई आयु नहीं होती, इसलिए हमें हमेशा सीखने का प्रयास करते रहना चाहिए। सैयद शाह फखरे आलम हसन ने जो जिम्मेदारी उठाई है वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बच्चे इंटर तक शिक्षा में मजबूत होंगे तभी आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे, इसलिए हमें अपने बच्चों की शिक्षा और संस्कार की बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। सम्मेलन को सीई अकादमी के निदेशक हाजी आफताब आलम, डॉ. देव ज्योति मुखर्जी आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के जिम्मेदारों को बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें प्रकाश चंद्र गुप्ता, यास्मीन बानो, मदरसा अशरफिया इजहारुल उलूम के सचिव फारूक रजा, ऐनुल हुदा, डॉ. गुलाम सरवर अशरफी, मौलाना मासूम रजा सिद्दीकी और इस्लाम शाही शामिल हैं।
ग्राम समाचार, भागलपुर। खानकाह पीर दमड़िया शाह खलीफा बाग, भागलपुर की ओर से आयोजित शैक्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अब्दुल कादिर ने कहा कि बच्चों के लिए सबसे बड़ी समस्या शिक्षा के साथ संस्कार की है, जिसे शाहीन ग्रुप बखूबी पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए कर्नाटक का रुख करते हैं, लेकिन अब उन्हें वहां जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि शाहीन बीदर जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था अब भागलपुर में भी खानकाह पीर दमड़िया शाह की ओर से गोराडीह प्रखंड के कुरूडीह में की जा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भागलपुर एक बार फिर शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनेगा और देश-विदेश से छात्र यहां आकर शिक्षा प्राप्त करेंगे। डॉ. अब्दुल कादिर ने कहा कि बच्चों को आईएएस, डॉक्टर या इंजीनियर बना देना ही पर्याप्त नहीं है, यदि उनका सही संस्कार न हो तो सब व्यर्थ है। वही कौम तरक्की कर सकती है जो अपनी नस्ल और तहजीब की हिफाजत करती है। उन्होंने कहा कि शाहीन ग्रुप को शैक्षिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिशों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए छात्र और छात्राओं की शिक्षा की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। समाज में बच्चे गलत वातावरण से प्रभावित हो जाते हैं, इसलिए उन्हें स्वच्छ और बेहतर माहौल देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश के युवाओं में अपार क्षमता है और देश फिर से सोने की चिड़िया बन सकता है, बशर्ते युवा शिक्षित हों। उन्होंने खेल और औद्योगिक विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया तथा कहा कि देश में भाईचारे और प्रेम का वातावरण अत्यंत जरूरी है। इस अवसर पर खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादानशीन मौलाना सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि इस शैक्षिक सम्मेलन का उद्देश्य भागलपुर की धरती पर ऐसे संस्थान की स्थापना करना है जो समाज के अंधकार को दूर कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह रोशनी है जो भटकाव, अज्ञानता और पिछड़ेपन के अंधेरे में घायल मानवता के जख्मों पर मरहम का काम करती है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उसी उद्देश्य की पहली कोशिश है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी। भविष्य के लिए जो रूपरेखा तैयार की जा रही है, उससे छात्र-छात्राएं सभी सुविधाओं के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और देश के साथ अपनी कौम की सेवा करेंगे। इस अवसर पर राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशादुल्लाह ने कहा कि खानकाह पीर दमड़िया शाह का यह कदम ऐतिहासिक है। खानकाह पहले से धार्मिक, सुधारात्मक और शैक्षिक क्षेत्र में सक्रिय रही है। आवासीय विद्यालय की स्थापना से भागलपुर के शैक्षिक स्तर में चार चांद लग जाएंगे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में सैयद शाह अली सज्जाद ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई आयु नहीं होती, इसलिए हमें हमेशा सीखने का प्रयास करते रहना चाहिए। सैयद शाह फखरे आलम हसन ने जो जिम्मेदारी उठाई है वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बच्चे इंटर तक शिक्षा में मजबूत होंगे तभी आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे, इसलिए हमें अपने बच्चों की शिक्षा और संस्कार की बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। सम्मेलन को सीई अकादमी के निदेशक हाजी आफताब आलम, डॉ. देव ज्योति मुखर्जी आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के जिम्मेदारों को बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें प्रकाश चंद्र गुप्ता, यास्मीन बानो, मदरसा अशरफिया इजहारुल उलूम के सचिव फारूक रजा, ऐनुल हुदा, डॉ. गुलाम सरवर अशरफी, मौलाना मासूम रजा सिद्दीकी और इस्लाम शाही शामिल हैं।


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