India AI Summit 2026: भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026: पीएम मोदी का उद्घाटन भाषण, वैश्विक नेताओं ने की सराहना

नई दिल्ली। भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आज भारत मंडपम में भव्य उद्घाटन हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लोकतांत्रिक बनाने और वैश्विक दक्षिण के लिए सशक्तिकरण का माध्यम बताते हुए एमएएनएवी दृष्टिकोण की रूपरेखा पेश की। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के डेरियो अमोडी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस जैसे वैश्विक नेता उपस्थित रहे।

पीएम मोदी का एमएएनएवी विजन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई मानव और बुद्धिमान प्रणालियों के सह-अस्तित्व का युग ला रहा है, जो कार्य को स्मार्ट, कुशल और प्रभावी बनाएगा। उन्होंने एमएएनएवी (मोरल एंड एथिकल सिस्टम्स, अकाउंटेबल गवर्नेंस, नेशनल सोवरेन्टी, एक्सेसिबल एंड इनक्लूसिव, वैलिड एंड लेजिटिमेट) विजन पेश किया, जो 21वीं सदी में मानव कल्याण का महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। पीएम ने जोर दिया कि भारत विविधता, जनसांख्यिकी और लोकतंत्र की ताकत रखता है, इसलिए यहां सफल एआई मॉडल विश्व स्तर पर तैनात किए जा सकते हैं।

समिट के प्रमुख बिंदु और घोषणाएं

समिट का थीम 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' है, जो लोगों, ग्रह और प्रगति के तीन सूत्रों पर आधारित है। इसमें स्वास्थ्य, कृषि, सुरक्षित एआई, विज्ञान, समावेशन, संसाधनों का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक विकास जैसे सात चक्र शामिल हैं। टाटा ग्रुप ने ओपनएआई के साथ 100 मेगावाट एआई डेटा सेंटर की घोषणा की, जो 1 गीगावाट तक बढ़ेगा, जबकि गूगल विशाखापत्तनम में पूर्ण स्टैक एआई हब बना रहा है। एआई मॉडल्स जैसे सरवम एआई के 30-बिलियन पैरामीटर मॉडल और भारतजेन परम2 लॉन्च हुए।

वैश्विक नेताओं के विचार

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई स्टैक के पांच स्तरों (एप्लीकेशन, मॉडल, कम्प्यूट, इंफ्रा, एनर्जी) पर भारत की प्रगति बताई, जिसमें 38,000 जीपीयू का साझा प्लेटफॉर्म शामिल है। सुंदर पिचाई ने एआई को प्रोटीन संरचना भविष्यवाणी जैसे वैज्ञानिक चुनौतियों के समाधानकर्ता बताया, जबकि डेरियो अमोडी ने भारत को जोखिम प्रबंधन में नेता माना। एंटोनियो गुटेरेस ने विकासशील देशों के लिए 3 अरब डॉलर के ग्लोबल एआई फंड की मांग की।

भारत की एआई यात्रा

पीएम मोदी ने 'डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलीवर टू द वर्ल्ड, डिलीवर टू ह्यूमैनिटी' का आह्वान किया। समिट से 15 ठोस परिणाम अपेक्षित हैं, जिसमें एआई गवर्नेंस, नवाचार और समावेशी विकास शामिल है। यह वैश्विक दक्षिण का पहला बड़ा एआई समिट है, जिसमें 118 देशों की भागीदारी है।

समिट के सात चक्र कौन से हैं और उनका उद्देश्य

भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के सात चक्र एआई के प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। ये चक्र नीति निर्माण, तकनीकी उपयोग और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए बनाए गए हैं।

सात चक्रों की सूची

  1. मानव संसाधन विकास: एआई के लिए समावेशी कौशल और शिक्षा प्रणाली विकसित करना, युवाओं को डिजिटल युग के लिए तैयार करना।
  2. सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन: समाज के सभी वर्गों को एआई लाभ पहुंचाना और समान अवसर सुनिश्चित करना।
  3. सुरक्षित और भरोसेमंद एआई: एआई के सुरक्षित, नैतिक और विश्वसनीय उपयोग पर नीतियां बनाना।
  4. लचीलापन, नवाचार और दक्षता: पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान और नवाचार को बढ़ावा देना।
  5. विज्ञान: वैज्ञानिक अनुसंधान, स्वास्थ्य, कृषि और जलवायु समाधानों में एआई का उपयोग।
  6. एआई संसाधनों का लोकतांत्रिक उपयोग: छोटे व्यवसायों और संस्थानों को संसाधनों तक समान पहुंच प्रदान करना।
  7. आर्थिक विकास व सामाजिक भलाई: एआई से आर्थिक प्रगति और सामाजिक सुधार को जोड़ना।

इनका उद्देश्य

ये चक्र 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' थीम के तहत लोगों, धरती और प्रगति के तीन सूत्रों पर आधारित हैं। इनका लक्ष्य एआई को समावेशी, टिकाऊ और जिम्मेदार बनाना है, ताकि 100+ देशों के बीच सहयोग बढ़े।

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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