विश्वविख्यात महान दार्शनिक, विचारक, समाज प्रवर्तक एवं संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की धर्मपत्नी, त्याग एवं संघर्ष की प्रतिमूर्ति माता रमाबाई अंबेडकर जी की जयंती माता रमाबाई सामाजिक उत्थान संस्था, अंबेडकर भवन, आजाद नगर गली नंबर-3, रेवाड़ी में बड़े हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई।
प्रेस सचिव श्री बहादुर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जयंती समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. निर्मल भागोतिया (डेंटल सर्जन) रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेविका श्रीमती माया देवी ने की। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुमित्रा अहरोदिया के कुशल संचालन में किया गया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में एडवोकेट कुसुमलता (पार्षद रेवाड़ी), श्रीमती सुकंतला देवी (हेल्थ सुपरवाइजर) तथा श्रीमती नेहा रिका चौधरी ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के प्रधान इंजीनियर बुद्धराम पवार ने मंचासीन अतिथियों, उपस्थित बुद्धिजीवियों, नारी शक्ति एवं बच्चों का स्वागत करते हुए किया और सभी को माता रमाबाई अंबेडकर जयंती की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि माता रमाबाई का जीवन त्याग, सेवा, धैर्य और संघर्ष की अनुपम मिसाल है तथा उनके योगदान के बिना बाबा साहेब के महान कार्यों की कल्पना अधूरी है।
कार्यक्रम का संचालन कर रही श्रीमती सुमित्रा अहेरोदिया ने सभी मंचासीन अतिथियों एवं उपस्थित जनों को माता रमाबाई अंबेडकर तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित करने हेतु आमंत्रित किया। सभी ने मिलकर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए भाषण, नृत्य, कविता, देशभक्ति गीत एवं राष्ट्रगान प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. निर्मल भागोतिया ने अपने संबोधन में कहा कि माता रमाबाई भले ही औपचारिक रूप से शिक्षित नहीं थीं, परंतु उन्होंने अपने त्याग और समर्पण से एक सामान्य मानव को महापुरुष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को विश्वविख्यात बनाने के लिए माता रमाबाई ने अपने चार संतानों के असमय निधन का दुख सहते हुए भी उन्हें शिक्षा और समाज सेवा के मार्ग से विचलित नहीं होने दिया। मात्र 37 वर्ष की अल्पायु में उनका निधन हो गया, और इसी महान त्याग के कारण वे ‘त्यागमूर्ति’ के रूप में विख्यात हुईं।
इस अवसर पर श्रीमती रेखा दहिया, अभय सिंह ढेहिनवाल, महेश दत्त, राजकुमार जलवा, हिमांशु अहेरोदिया, काशीराम आचार्य, आर.पी. मेहरा, एडवोकेट कुसुमलता, श्रीमती सुकंतला देवी तथा नेहा रिका चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी सभा को संबोधित किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्रीमती माया देवी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनसमूह का धन्यवाद करते हुए त्यागमूर्ति माता रमाबाई अंबेडकर के जन्मदिवस पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा समाज में शिक्षा, जागरूकता और महिला सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया ।




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