आईएमए रेवाड़ी की वर्ष 2026 की टीम द्वारा निरंतर संचालित जनस्वास्थ्य जागरूकता अभियानों की कड़ी में आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रेवाड़ी ने पुष्पांजलि हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में अस्पताल के ओपीडी प्रांगण में कैंसर जागरूकता एवं एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) विषय पर एक प्रभावी कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में लगभग 70-80 मरीजों एवं उनके परिजनों ने सहभागिता कर महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आईएमए रेवाड़ी के अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2026 की टीम द्वारा “United by Unique” थीम के अंतर्गत पूरे माह भर व्यापक कैंसर जागरूकता अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि इस थीम का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति की विशिष्टता का सम्मान करते हुए उसे स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना है। विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर समाज के हर वर्ग तक पहुंचने का प्रयास किया गया है। साथ ही उन्होंने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए एंटीबायोटिक्स के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दिया और इसे जनस्वास्थ्य की गंभीर चुनौती बताया।
डॉ. पूजा अनेजा ने मंच संचालन की भूमिका निभाते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया और कैंसर के सफल उपचार में समय पर जांच एवं जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. पूनम यादव ने स्तन कैंसर विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए महिलाओं को स्व-स्तन परीक्षण, नियमित मैमोग्राफी एवं यूएसजी जांच के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पहचान ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। डॉ. किरण ने सर्वाइकल कैंसर पर व्याख्यान देते हुए बताया कि यह एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसकी रोकथाम हेतु प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है। समय पर पैप स्मीयर जांच एवं टीकाकरण से इसे प्रारंभिक अवस्था में रोका जा सकता है। फेफड़ों के कैंसर पर पुनः डॉ. पूजा अनेजा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह केवल धूम्रपान करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि पैसिव स्मोकिंग, बायोमास ईंधन का धुआं, बढ़ता वायु प्रदूषण एवं गिरता AQI स्तर भी इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं में बढ़ते जोखिम पर चिंता व्यक्त की।
डॉक्टर नीरज यादव ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस विषय पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए यह बताया गया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक्स का सेवन, अधूरा कोर्स तथा स्व-औषधि उपयोग भविष्य में गंभीर संक्रमणों को जन्म दे सकता है। उपस्थित सभी लोगों ने एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग से बचने की शपथ ली तथा सही हैंड हाइजीन एवं हाथ धोने के सात चरणों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की निरंतरता की अपेक्षा व्यक्त की।
आईएमए रेवाड़ी की टीम ने संकल्प दोहराया कि समाज को कैंसर एवं एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसे गंभीर विषयों पर जागरूक करने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा—स्वस्थ समाज की दिशा में यही उनकी प्रतिबद्ध पहल है। इस कार्यक्रम में पुष्पांजलि हॉस्पिटल के विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी उपस्थिति रही, जिनमें हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी यादव, किडनी विशेषज्ञ डॉ. तरुण यादव, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नवदीप यादव सहित अस्पताल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।





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