ग्राम समाचार, गोड्डा ब्यूरो रिपोर्ट:- सतीश स्मृति मंच की गोड्डा जिला शाखा की वार्षिक बैठक सोमवार शाम स्थानीय शांति नगर स्थित स्लिंग शॉट एसोसिएशन ऑफ गोड्डा के कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मंच के गोड्डा जिला प्रमुख सर्वजीत झा ने जबकि संचालन संयोजक सुरजीत झा ने की। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय अनुसार आगामी 29 जनवरी को साहित्यकार स्व. सतीश चन्द्र झा की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित विचार सह काव्य गोष्ठी को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सफल और सार्थक किए जाने में गोड्डा की भूमिका सुनिश्चित किए जाने का निर्णय लिया गया। सतीश बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए झा बंधु ने बताया कि मूल रूप से बसंतराय प्रखंड के सनौर गांव के सतीश बाबू की कर्मस्थली दुमका रही जहां वे ना सिर्फ स्वयं रचनाधर्मिता में पूरी तरह समर्पित रहे बल्कि अपनी कुटिया में नियमित काव्य गोष्ठी के माध्यम से जहां साहित्य सरिता की धारा का मार्ग प्रशस्त करते रहे वहीं नवांकुर के लिए मंच और अवसर प्रदान करते रहे। इस प्रकार अपने साहित्यिक अवदान से उन्होंने अपनी जन्मभूमि गोड्डा और कर्म भूमि दुमका दोनों का मान बढ़ाया। बैठक में उपरोक्त पदाधिकारी द्वय के अलावा स्व. झा की पुत्री डॉ. नूतन झा, संजीव झा, अखिल कुमार झा, मनीष कुमार सिंह, अमरेंद्र सिंह, अनंत तिवारी, अमित ठाकुर, सचिन झा, अनीस आनंद, मुकेश भारती, अभिनव कुमार मिश्र, चेतन कुमार झा एवं गंभीर कुमार राय शामिल थे।
Godda News: सतीश स्मृति मंच की वार्षिक बैठक आहूत
ग्राम समाचार, गोड्डा ब्यूरो रिपोर्ट:- सतीश स्मृति मंच की गोड्डा जिला शाखा की वार्षिक बैठक सोमवार शाम स्थानीय शांति नगर स्थित स्लिंग शॉट एसोसिएशन ऑफ गोड्डा के कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मंच के गोड्डा जिला प्रमुख सर्वजीत झा ने जबकि संचालन संयोजक सुरजीत झा ने की। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय अनुसार आगामी 29 जनवरी को साहित्यकार स्व. सतीश चन्द्र झा की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित विचार सह काव्य गोष्ठी को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सफल और सार्थक किए जाने में गोड्डा की भूमिका सुनिश्चित किए जाने का निर्णय लिया गया। सतीश बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए झा बंधु ने बताया कि मूल रूप से बसंतराय प्रखंड के सनौर गांव के सतीश बाबू की कर्मस्थली दुमका रही जहां वे ना सिर्फ स्वयं रचनाधर्मिता में पूरी तरह समर्पित रहे बल्कि अपनी कुटिया में नियमित काव्य गोष्ठी के माध्यम से जहां साहित्य सरिता की धारा का मार्ग प्रशस्त करते रहे वहीं नवांकुर के लिए मंच और अवसर प्रदान करते रहे। इस प्रकार अपने साहित्यिक अवदान से उन्होंने अपनी जन्मभूमि गोड्डा और कर्म भूमि दुमका दोनों का मान बढ़ाया। बैठक में उपरोक्त पदाधिकारी द्वय के अलावा स्व. झा की पुत्री डॉ. नूतन झा, संजीव झा, अखिल कुमार झा, मनीष कुमार सिंह, अमरेंद्र सिंह, अनंत तिवारी, अमित ठाकुर, सचिन झा, अनीस आनंद, मुकेश भारती, अभिनव कुमार मिश्र, चेतन कुमार झा एवं गंभीर कुमार राय शामिल थे।

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