रेवाड़ी में भारतीय किसान यूनियन चढूनी संगठन की ओर से किसान भवन में बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया गया। लघु सचिवालय पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा। यूनियन ने कहा, "ज्ञापन देकर थक गए अब आरपार की लड़ाई होगी।"
रेवाड़ी में भारतीय किसान यूनियन चढूनी संगठन की ओर से एक बार फिर किसानों और मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया। हालांकि भारतीय किसान यूनियन की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी को आना था लेकिन व्यस्तता के चलते चढूनी विरोध प्रदर्शन में नहीं पहुंच सके। रेवाड़ी अनाज मंडी स्थित किसान भवन में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। किसान यूनियन की ओर से किसान भवन में मीटिंग कर संगठन विस्तार किया गया। बाहर से आए वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखें और संगठन को मजबूत बनाने तथा सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए रणनीति तैयार की। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के बैनर तले जिले भर से बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने किसान भवन से चलकर लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। हालांकि सचिवालय पर पहले से भारी पुलिस बल तैनात होने के चलते गेट बंद कर किसानों को अंदर जाने नहीं दिया गया। प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी डीडीपीओ एच पी बंसल पहुंचे। लेकिन किसानों ने जिला उपायुक्त से कम किसी निकले अधिकारी को ज्ञापन देने से मना कर दिया और डीडीपीओ को वापस लौटा दिया। किसान नेताओं ने कहा कि विज्ञापन देखकर थक गए हैं इससे पहले भी अपनी मांगों को लेकर अनेक कुमार ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसलिए अब ज्ञापन नहीं आर पार की लड़ाई करने के मूड में किस आ गए हैं। किसानों ने कहा कि अब ज्ञापन नहीं रण होगा आर पार की लड़ाई में जीवन या मरण होगा। इसके बाद जिला उपायुक्त अभिषेक मीणा ने किसानों को सचिवालय के अंदर बुलाया और उनसे ज्ञापन लेकर जिला प्रशासन के स्तर की सभी मांगों को पूरा करने तथा सरकार के स्तर की मांगों को आगे भेजने का आश्वासन दिया।
सचिवालय के बाहर कत्रित हुए किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याएं उठाईं। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाओं का लाभ धरातल पर किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। किसान नेताओं ने बताया कि मजदूर और किसानों की क्षतिपूर्ति के लिए जो पोर्टल खोला गया था, उसमें किसानों को बहुत ही कम राशि मिली है। इसके अलावा भावांतर योजना के तहत मिलने वाली राशि अभी तक किसानों के खातों में नहीं आई है। वहीं, फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनियों द्वारा किया गया बीमा होने के बावजूद किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, जिससे किसानों में भारी रोष है। किसानों ने यह आशंका भी जताई कि किसान भवन पर सरकार द्वारा कब्जा किया जा सकता है। किसानों का कहना है कि किसान भवन किसानों के लिए बनाया गया है और किसी भी अधिकारी को इसके अंदर घुसने नहीं दिया जाएगा। इसे लेकर किसानों ने एकजुट होकर विरोध जताया।
प्रदेश के उप प्रधान सत्यवान नरवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो महीने के भीतर किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो पिपली अनाज मंडी में एक बहुत बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि किसान अब अपने हक के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं। संगठन के आईटी सेल प्रभारी संदीप सिंह ने कहा कि सरकार किसान यूनियन की ओर टेढ़ी नजर से न देखे। यह संगठन सर छोटूराम की देन है और किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। अजय राणा ने कहा कि रेवाड़ी की टीम बहुत बेहतर कार्य कर रही है और यदि किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ी तो पूरी राष्ट्रीय टीम रेवाड़ी की टीम के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
प्रदर्शन के बाद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त डीसी अभिषेक मीणा को ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उचित समाधान निकाला जाएगा। इस मौके पर शहरी महिला प्रधान बनीं सविता को यूनियन की तरफ से नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। प्रदर्शन के दौरान संगठन का विस्तार भी किया गया। सविता एडवोकेट को शहरी महिला प्रधान नियुक्त किया गया जबकि पूनम को रेवाड़ी ब्लॉक की महिला प्रधान बनाया गया।
प्रदर्शन में प्रधान समय सिंह, जिला कार्यकारी प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा, अभय सिंह चिलहड़, दक्षिणी हरियाणा के अध्यक्ष रवि प्रकाश यादव, रोशन लाल दरोगा, शहरी प्रधान कृष्ण सैनी, वेद प्रकाश सुल्तानिया, ओपी लोहाणा, राजकुमार, अशोक कुमार, नीलम मूंदड़ा, जिला महिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, महिला उपप्रधान मनीषा यादव, जिला महिला प्रेस प्रवक्ता ममता यादव मौजूद रहीं।





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