ग्राम समाचार,पथरगामा ब्यूरो रिपोर्ट:-श्रावण मास के अंतिम सोमवारी को लेकर प्रखंड के तमाम शिवालयों में तड़के सुबह से ही जलार्पण करने वाले भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन काफी सजग दिखाई पड़ी। पथरगामा हटिया चौक स्थित नंदीश्वर नाथ शिव मंदिर में आए तमाम भक्त श्रद्धालुओं के द्वारा महादेव के शिवलिंग पर जलार्पण के उपरांत पंडित पुतुल तिवारी के द्वारा विशेष रूप से विधि विधान पूर्वक रुद्राभिषेक पूजन कार्य संपादित कराया गया। रुद्राभिषेक में जजमान के रूप में पथरगामा अंचल के पूर्व प्रधान सहायक योगेंद्र कुमार चौबे व पत्नी पूनम देवी सपरिवार शामिल थे। नंदीश्वर नाथ महादेव मंदिर में शिवलिंग को गुलाब समेत कई सुगंधित पुष्पों से आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजन एवं रुद्राभिषेक के बाद पंडित पुतुल तिवारी ने कहा कि साधक के मन में यदि श्रद्धा भक्ति ना हो तो पूजा, कर्म, तपस्या, जप, आसन आदि ज्ञान तथा अन्य साधन से महादेव वशीभूत नहीं होते हैं। पंडित पुतुल तिवारी ने कहा कि पूजन दो प्रकार के होते हैं पहला वाह्य और दूसरा अभ्यंतर। जिन्होंने अपने चित् को शिव को समर्पित किया वह शिव के अनन्य भक्त हैं। धर्म के अधिकारी है। कहा कि जो भक्ति भाव से गंगाजल, बिल्व पत्र, पुष्प आदि शिव को अर्पित करता है। उसे पर सदैव महादेव की कृपा दृष्टि बनी रहती है।
Pathargama News: नंदीश्वर नाथ महादेव मंदिर में भक्तों ने किया रुद्राभिषेक
ग्राम समाचार,पथरगामा ब्यूरो रिपोर्ट:-श्रावण मास के अंतिम सोमवारी को लेकर प्रखंड के तमाम शिवालयों में तड़के सुबह से ही जलार्पण करने वाले भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन काफी सजग दिखाई पड़ी। पथरगामा हटिया चौक स्थित नंदीश्वर नाथ शिव मंदिर में आए तमाम भक्त श्रद्धालुओं के द्वारा महादेव के शिवलिंग पर जलार्पण के उपरांत पंडित पुतुल तिवारी के द्वारा विशेष रूप से विधि विधान पूर्वक रुद्राभिषेक पूजन कार्य संपादित कराया गया। रुद्राभिषेक में जजमान के रूप में पथरगामा अंचल के पूर्व प्रधान सहायक योगेंद्र कुमार चौबे व पत्नी पूनम देवी सपरिवार शामिल थे। नंदीश्वर नाथ महादेव मंदिर में शिवलिंग को गुलाब समेत कई सुगंधित पुष्पों से आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजन एवं रुद्राभिषेक के बाद पंडित पुतुल तिवारी ने कहा कि साधक के मन में यदि श्रद्धा भक्ति ना हो तो पूजा, कर्म, तपस्या, जप, आसन आदि ज्ञान तथा अन्य साधन से महादेव वशीभूत नहीं होते हैं। पंडित पुतुल तिवारी ने कहा कि पूजन दो प्रकार के होते हैं पहला वाह्य और दूसरा अभ्यंतर। जिन्होंने अपने चित् को शिव को समर्पित किया वह शिव के अनन्य भक्त हैं। धर्म के अधिकारी है। कहा कि जो भक्ति भाव से गंगाजल, बिल्व पत्र, पुष्प आदि शिव को अर्पित करता है। उसे पर सदैव महादेव की कृपा दृष्टि बनी रहती है।

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