Rewari News : सरकार को पत्र लिखकर रेजिडेंसियल व कॉमर्शियल सैक्टर विकसित करने की मांग की

ग्राम समाचार न्यूज : रेवाड़ी शहर में मास्टर प्लान 2031 के अनुसार जमीनी स्तर पर सरकार सुनियोजित तरीके से रेसिडेंशियल व कमर्शियल सेक्टर विकसित करे। समाजसेवी धर्मेंद्र बैरियावास ने सरकार को पत्र लिखकर सुझाव देते हुए मांग की है कि सरकार के अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के फैसले के बाद से जिले में भूमाफिया को अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनी काटने का जैसे लाइसेंस मिल गया हो। डीटीपी विभाग अवैध निर्माण अब कारवाई न के बराबर कर रहा है।सरकार ने कहा था अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के बाद कोई भी नई अवैध कॉलोनी को पनपने नहीं देंगे लेकिन कंट्रोल एरिया में मास्टर प्लान के अनुसार प्रस्तावित 120 मीटर V2 सड़क के साथ साथ कई जगह कृषि भूमि में पिछले कुछ महीनों में अवैध निर्माण और कॉलोनी पनपने लगी है। निर्माणधीन नेशनल हाईवे NH 11 (आउटर बाईपास )सड़क के साथ साथ, प्रस्तावित एम्स, रामगढ़ रोड, गढ़ी बोलनी रोड, बवाल, धारूहेड़ा इंडस्ट्रीयल एरिया, नारनौल रोड आदि के आसपास बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनी कटी जा रही है, सभी अवैध कॉलोनी में सड़कों की चौड़ाई कम है कोई ग्रीन बेल्ट नही है कोई पार्क नही । सैकड़ों अवैध कॉलोनियों को बसाने के लिए कृषि भूमि में हजारों पेड़ पौधो को काटा गया लेकिन किसी भी कॉलोनी में ग्रीन बेल्ट के अभाव में और सड़कों की कम चौड़ाई की वजह से पेड़ पौधे न के बराबर है यह जिले के ग्रीन इकोसिस्टम के लिए सही नही है। पहले ही एनसीआर के जिलों में हरियाली की कमी से वातावरण असंतुलित हो चुका है आगे ऐसे कृषि भूमि में बिना कोई प्रॉपर प्लान के अवैध निर्माण व कॉलोनी कटती रही तो पर्यवारण के हालात बहुत भयानक होंगे। एचएसवीपी के सेक्टर 20 पर काम आखिर जमीनी स्तर पर शुरू क्यों नहीं हो रहा जबकि डिमार्केशन का काम हुए दो साल हो गए।

रेवाड़ी में अवैध निर्माण जोर शोरों पर चल रहा है। डीटीपी को शिकायत मिलने पर भी आंखें बंद कर ली जाती है अवैध निर्माण नहीं रोकता है। उसे बनने देता है। बन जाने के बाद कहता है कि इसमें तो परिवार रहने लग गया इसको कैसे तोड़े।  जिससे शहर की सुंदरता को ग्रहण लगेगा व नागरिकों को उचित सड़क माध्यम नहीं मिलेगा जाम की स्थिति बनी रहेगी और दुकाने, गोदाम, शोरूम (कमर्शियल) सड़क के किनारे बहुत तेजी से अवैध बन रहे हैं उनको भी तुरंत प्रभाव से तोड़ा जाए।अवैध निर्माण को रोकने के लिए ड्रोन द्वारा रेवाड़ी कंट्रोल एरिया की फोटोग्राफी, वीडियो बनवाई जावे। बिजली बोर्ड के पोर्टल में एक ऐसा सॉफ्टवेयर अपडेट होना चाहिए कि डीटीपी ऑफिस की एनओसी के बगैर फाइल अपडेट ना हो ऐसा होने पर जब बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा तो अवैध निर्माण पर ऑटोमेटिक रोक लगेगी। डीटीपी ऑफिस के अधिकारियों व कर्मचारियों व उनके रिश्तेदारों सहित की चल अचल संपत्ति का ब्यौरा हर 6 महीने में इकट्ठा करवाया जावे। डीटीपी के अधिकारियों व कर्मचारियों के फोन नंबर को सरकार टरेसिंग पर लगाए। अगर मुख्यमंत्री साहब आप रेवाड़ी कंट्रोल एरिया में हुए अवैध निर्माण की जांच विजिलेंस द्वारा कराएंगे तो इसमें करोड़ों रुपए का घालमेल मिलेगा जिसमें डीटीपी ऑफिस में बिजली बोर्ड के अधिकारी कर्मचारी शामिल मिलेंगे।अगर हमारी शिकायत पर जांच होती है तो डीटीपी के नाक के नीचे हो रहे अवैध निर्माण की सूची सार्वजनिक करेंगे क्योंकि अगर डीटीपी ईमानदार हो तो जेसीबी की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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