Pathargama News: पथरगामा में एक बार फिर जलापूर्ति ठप




ग्राम समाचार, पथरगामा ब्यूरो रिपोर्ट:- मंगलवार को पथरगामा में इसी माह दूसरी बार जलापूर्ति ठप हो गई| राजीव गांधी ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना से किया जाने वाला जलापूर्ति मीठे पानी की समस्या से जूझ रहे पथरगामा वासियों के लिए लाइफ लाइन बन गया है बावजूद इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जा सकता है कि इसकी अहमियत को जलापूर्ति के रखरखाव कर्ता नहीं महसूस कर पा रहे हैं| गत मार्च में मोटर जल जाने के कारण 4 दिन जलापूर्ति ठप रहा था जो एक वाजिब कारण था| फिर अप्रैल में विद्युत आपूर्ति का बहाना बनाकर एक दिन जलापूर्ति ठप कर दिया गया| जबकि विद्युत आपूर्ति 24 घंटे में 23 घंटे किया जा रहा है परंतु आज बेवजह के कारण को उत्पन्न कर जलापूर्ति को ठप कर देने से लोगों में आक्रोश गहराता जा रहा है| रोजाना  6:30 से 7:00 के बीच में जलापूर्ति किया जाता है परंतु जब आज 8:30 बजे तक जलापूर्ति नहीं हुआ तो जलापूर्ति ठप होने का कारण पूछे जाने पर जलापूर्ति के रखरखाव के जिम्मेवार पंचायत के मुखिया हेमंत कुमार पंडित ने बताया कि जलापूर्ति किया गया था मेरे नल में पानी आया था| अब ऐसे बयान को हास्यास्पद नहीं कहा जाएगा तो आज क्या कहा जाएगा क्योंकि सुबह 6:30 बजे से ही लोगों ने अपने अपने नलके के सामने बाल्टी लगा रखा था परंतु उसमें एक बूंद भी पानी नहीं आया? ऐसे में क्या समझा जाएगा की मुखिया जी के नलके के बाद पानी अदृश्य हो गया? क्योंकि उनके नल से आगे बढ़ने के बाद लोगों को पानी ना तो अपने  बाल्टी में दिखा और ना ही नल में? नाम नहीं छापने की शर्त पर जानकार लोगों का यह भी कहना है कि पंचायत चुनाव अब सामने आ गया है और यहां का रिजल्ट सब जानते हैं| इसीलिए लोगों को परेशान करने के लिए ऐसा किया जा रहा है| अब इसमें सच क्या है और झूठ क्या है मुखिया जी समझे और उनके वोटर समझे|

अमन राज:- 

Share on Google Plus

Editor - भूपेन्द्र कुमार चौबे

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Online Education