ग्राम समाचार गोड्डा ब्यूरो रिपोर्ट:- आज दिनांक 03.02.2022 को जिले में सरस्वती पूजा के सफल संचालन को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी गोड्डा ऋतुुराज के द्वारा जानकारी दी गई कि सरस्वती पूजा / बसंत पंचमी, 2022 हेतु स्वघोषणा पत्र पूजा समिति के द्वारा लिए जाएंगे। जिले में सरस्वती पूजा के आयोजन करने वाले पूजा समिति को स्वघोषणा पत्र देने के लिए फार्मेट तैयार कर ली गई है। उसी फॉर्मेट में पूजा संचालक समिति के द्वारा घोषणा पत्र ली जाएगी। जिसमें सरस्वती पूजा समिति का नाम एवं पता, समिति के सचिव एवं अध्यक्ष का पता एवं मोबाईल संख्या, समिति का लाईसेंस संख्या, समिति के पाँच सदस्यों का नाम एवं मोबाईल संख्या से संबंधित जानकरियां दिए जा सकते हैं। सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्र में सरस्वती पूजा समिति पंडाल का निबंधन कराना एवं स्वघोषणा पत्र भरवा कर अपने पास रखना सुनिश्चित करेंगे। जिले में पूजा समितियों के द्वारा 24 निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वे 24 निम्न बिंदु क्रमशः निम्न प्रकार हैं--
1- किसी भी परिस्थिति में पूजा करते समय पूजा में सार्वजनिक भागीदारी की अनुमति नहीं दी जायेगी।
2- मूर्ति को सभी तरफ से ढक दिया जाएगा और सार्वजनिक दृश्य से अवरूद्ध किया जाएगा तथा बाकि पंडाल खुला रहेगा।
3- सरस्वती पूजा के अवसर पर प्रतिमा को मंदिर अथवा छोटे पंडाल में स्थापित किया जाना है।
4- पूजा पंडाल की स्थापना कनटेनमेंट जोन के बाहर होना चाहिए।
5- पूजा पंडाल तीनो तरफ से घिरा होना चाहिए तथा प्रतिमा के दर्शन हेतु एक तरफ खुला रहेगा एवं वैरिकेट लगा होना चाहिए। दर्शनार्थी को मंदिर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी ये बाहर से ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दर्शन करेंगे।
6- पूजा पंडाल किसी थीम पर आधारित नहीं होनी चाहिए।
7- पूजा पंडाल के चारो ओर लाईटिंग से सजावट की अनुमति नहीं होगी। केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक रोशनी की व्यवस्था की जानी है।
8- पूजा पंडाल में स्वागत या तोरण द्वार नहीं लगाया जाना है।
9- मंडप में रखी जाने वाली प्रतिमा 05 फीट से उँची नहीं होनी चाहिए।
10-. ध्वनि प्रदूषण अधिनियम 2000 का अनुपालन किया जाना है, रात्रि 10 बजे के बाद केवल मंत्र का उच्चारण होगा, DJ ,Recorded CD इत्यादि नहीं बजेगी।
11- पूजा समिति के सभी सदस्य जिनका वैक्सीनेशन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है (15 साल एवं इससे उपर), पुजारी, भोलटियर्स को कोविड-19 का Vaccinated होना आवश्यक है।
12- .सरस्वती पूजा के अवसर पर मेला का आयोजन प्रतिबंधित है।
13- पंडाल के आस -पास खाद्य पदार्थ का दुकान खोलना प्रतिबंधित है।
14- सरस्वती पूजा पंडाल के अंदर एक समय में पुजारी, आयोजक एवं भालंटियर्स सहित अधिकतम 25 व्यक्ति की रहने की अनुमति है।
15- सामुदायिक उत्सव / / प्रसाद या भोग का वितरण नहीं किया जाएगा।
16- पंडाल के उद्घाटन मुख्य अतिथि के लिए किसी भी व्यक्ति को कोई निमंत्रण नहीं भेजा जाएगा।
17- मूर्तियों के विसर्जन के लिए जुलूस नहीं निकाला जाएगा। समिति यह भी सुनिश्चित करेंगी कि विसर्जन के दौरान कोई सार्वजनिक भागीदारी नहीं होगी।
18- विसर्जन / पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी परिस्थितियों में डी०जे०] वाद्य यंत्र का उपयोग नहीं करेंगे।
19- पूजा समिति प्रतिमा विसर्जन के लिए रूट चार्ट संबंधित थाना प्रभारी के पास जमा करेंगे एवं थाना प्रभारी द्वारा अनुशंसित रूट चार्ट के अनुसार ही प्रतिमा का विसर्जन सुनिश्चित करेंगे।
20- पूजा समिति प्रतिमा / मूर्ति का विसर्जन 03:00 बजे अपराह्न के बाद नहीं करेंगे, उससे पहले अथवा अगले दिन विसर्जन करेंगे।
21- प्रतिमा विसर्जन / पूरी प्रक्रिया के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा मदीरा का सेवन नहीं किया जायेगा।
22- सरस्वती पूजा के लिए समिति के सदस्य अथवा किसी के द्वारा बेरिकेटिंग कर चन्दा की वसूली नहीं की जायेगी।
23- पूजा पंडाल में उपस्थित अध्यक्ष /सचिव / पूजारी एवं भोलंटियर्स को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अनुपालन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए सामाजिक दूरी मारक पहनना, साफ-सफाई एवं सेनिटाइजेसन की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।
24- सरस्वती पूजा पंडाल समिति के अध्यक्ष / सचिव को यह भी जानकारी दी गई कि आदेश का उल्लंघन होने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 तथा धारा-188 के तहत एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी। हम पूरी तरह से समझतें है कि उपरोक्त वर्णित सभी कडिकाओं के उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 तक के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अतः सरस्वती पूजा 2022 के आयोजन करते समय उपरोक्त अंकित सभी नियमों का पालन दृढतापूर्वक किया जाएगा।
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