ग्राम समाचार, गोड्डा ब्यूरो रिपोर्ट:- वार्ड पार्षद प्रितम गाडिया ने एक बार फिर नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर परिषद लगातार जनता को ठगने का कार्य कर रही है। अगर जनता की सुविधा नगर परिषद क्षेत्र में नदारद है फिर भी टैक्स की वसूली जारी है। कोरोना काल के समय भी नगर परिषद ने एक भी पैसे के लिए रियायत जनता को नहीं दी, जबकि कोरोना का बहाना करके आज तक किसी भी वार्ड में एक भी कार्य नहीं हुआ। नगर परिषद क्षेत्र की है लगभग सड़क एवं नालियाँ मृतप्राय हो चुकी है। जलापूर्ति योजना बिल्कुल ठप हो चुकी है। पिछले कई दिनों से जनता को पानी नहीं मिल रहा है। पिछले कई हफ्तों से आकांक्षा कंपनी ने कचरे का उठाव नहीं किया है। गली मोहल्ले में कचरे का अंबार लग गया है। इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है, जनता त्राहि-त्राहि कर रही है, आखिर जनता की समस्याओं के लिए ही तो नगर परिषद की सुविधाएं बहाल की गई है। गोड्डा नगर परिषद एक अजूबा नगर परिषद है, जहां बोर्ड की बैठक में पास किए कार्यों का भी कोई महत्व नहीं है। यह कहावत नगर परिषद गोड्डा में सटीक बैठती है खाता ना बही हम जो कहे सही, इसलिए तो आज तक कार्यपालक पदाधिकारी ने आय व्यय का ब्योरा देना भी बोर्ड को उचित नहीं समझा ।कई कार्य तो बिना बोर्ड के संज्ञान में आए ही कर लिए जाते है। प्रधानमंत्री आवास योजना का हल्ला तो खूब मचाया जाता है मगर जांच कुछ भी नहीं की जाती है नगर परिषद के जनता के पैसे को ग्रामीण क्षेत्र में आवास कर के भी लुटने का कार्य किया जा रहा। गणतंत्र दिवस मेले की डाक तो नहीं की गई लेकिन मेला लगा दिया गया। किसके आदेश से लगा किस बोर्ड में पास हुआ और वहां उगाही करने वाले कौन है। यह हास्य पद है कि जिला प्रशासन को इसकी खबर नहीं है जबकि समहरनालय गेट मेला मैदान के ठीक सामने महज 50 मीटर की दूरी पर है और लगभग पदाधिकारियों का आना-जाना दिन में 10 बार होता है। सरकार को लगभग 50 लाख की राजस्व की हानि हुई है,जिससे नगर परिषद क्षेत्र की जनता के लिए कार्य किया जा सकता था। अब तक मेले से उगाही किए गए लाखों रुपए कहां गए इसकी जानकारी जनता को पदाधिकारी कब देंगे। इतने वर्षों से फुटकर व्यवसायियों के लिए आए हुए पैसे का सदुपयोग नहीं किया गया नहीं तो आज हमारे फुटकर व्यवसाय अपनी छत के नीचे होते हैं।
Godda News: सुविधा नहीं तो टैक्स बंद करें नगर परिषद- प्रीतम गाड़ियां
ग्राम समाचार, गोड्डा ब्यूरो रिपोर्ट:- वार्ड पार्षद प्रितम गाडिया ने एक बार फिर नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर परिषद लगातार जनता को ठगने का कार्य कर रही है। अगर जनता की सुविधा नगर परिषद क्षेत्र में नदारद है फिर भी टैक्स की वसूली जारी है। कोरोना काल के समय भी नगर परिषद ने एक भी पैसे के लिए रियायत जनता को नहीं दी, जबकि कोरोना का बहाना करके आज तक किसी भी वार्ड में एक भी कार्य नहीं हुआ। नगर परिषद क्षेत्र की है लगभग सड़क एवं नालियाँ मृतप्राय हो चुकी है। जलापूर्ति योजना बिल्कुल ठप हो चुकी है। पिछले कई दिनों से जनता को पानी नहीं मिल रहा है। पिछले कई हफ्तों से आकांक्षा कंपनी ने कचरे का उठाव नहीं किया है। गली मोहल्ले में कचरे का अंबार लग गया है। इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है, जनता त्राहि-त्राहि कर रही है, आखिर जनता की समस्याओं के लिए ही तो नगर परिषद की सुविधाएं बहाल की गई है। गोड्डा नगर परिषद एक अजूबा नगर परिषद है, जहां बोर्ड की बैठक में पास किए कार्यों का भी कोई महत्व नहीं है। यह कहावत नगर परिषद गोड्डा में सटीक बैठती है खाता ना बही हम जो कहे सही, इसलिए तो आज तक कार्यपालक पदाधिकारी ने आय व्यय का ब्योरा देना भी बोर्ड को उचित नहीं समझा ।कई कार्य तो बिना बोर्ड के संज्ञान में आए ही कर लिए जाते है। प्रधानमंत्री आवास योजना का हल्ला तो खूब मचाया जाता है मगर जांच कुछ भी नहीं की जाती है नगर परिषद के जनता के पैसे को ग्रामीण क्षेत्र में आवास कर के भी लुटने का कार्य किया जा रहा। गणतंत्र दिवस मेले की डाक तो नहीं की गई लेकिन मेला लगा दिया गया। किसके आदेश से लगा किस बोर्ड में पास हुआ और वहां उगाही करने वाले कौन है। यह हास्य पद है कि जिला प्रशासन को इसकी खबर नहीं है जबकि समहरनालय गेट मेला मैदान के ठीक सामने महज 50 मीटर की दूरी पर है और लगभग पदाधिकारियों का आना-जाना दिन में 10 बार होता है। सरकार को लगभग 50 लाख की राजस्व की हानि हुई है,जिससे नगर परिषद क्षेत्र की जनता के लिए कार्य किया जा सकता था। अब तक मेले से उगाही किए गए लाखों रुपए कहां गए इसकी जानकारी जनता को पदाधिकारी कब देंगे। इतने वर्षों से फुटकर व्यवसायियों के लिए आए हुए पैसे का सदुपयोग नहीं किया गया नहीं तो आज हमारे फुटकर व्यवसाय अपनी छत के नीचे होते हैं।
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