Godda News: किया जा रहा है चिल्ड्रन इन स्ट्रीट सिचुएशन की पहचान



ग्राम समाचार, गोड्डा ब्यूरो रिपोर्ट:-  माननीय उच्चतम न्यायालय  के निर्देश के आलोक में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रधान सचिव, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखण्ड सरकार के दिशा निर्देश पर गोड्डा जिले में चिल्ड्रेन इन स्ट्रीट सिचुवेशन्स की पहचान एवं पुर्नवासन को लेकर सर्वे का कार्य बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड लाइन गोड्डा द्वारा किया जा रहा है। चाइल्ड लाइन, गोड्डा  द्वारा अपने आउटरीच  जागरूकता कार्यक्रम द्वारा विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चे के सर्वेक्षण का कार्य कर रही है। चाइल्ड लाइन, गोड्डा के जिला समन्यवक सत्य प्रकाश द्वारा बताया गया की प्राप्त निर्देश के आलोक में स्ट्रीट चिल्ड्रेन की पहचान हेतु तीन केटेगरी निर्धारित की गयी है। पहले केटेगरी में वैसे बच्चे की पहचान की जा रही है जो बिना किसी सहायता के अकेले सडक पर घूम कर जीवन- यापन  कर रहे  है एवं दूसरी केटेगरी में वैसे बच्चे को शामिल किया है जो दिन भर सड़क पर घूमते है और रात में अपने परिवार के पास चले जाते है, जो नजदीक के झोपरपट्टी या स्लम इलाके से आते है और जो बच्चे परिवार सहित सडक के किनारे गुजर बसर करते है तीसरी केटेगरी में रखा गया है ।  उन्होंने बताया की  ये कार्य पुरे देश  के सभी जिलों में किया जा रहा  और चाइल्ड लाइन राष्ट्रीय स्तर पर इसमें पूरी भागीदारी करते हुए सभी केटेगरी से चिन्हित बच्चों को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत करते हुए बच्चों की जांच प्रक्रिया समय सीमा में पूर्ण कर  राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग नई दिल्ली द्वारा विकसित बाल स्वराज पोर्टल पर अपलोड जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा की जा रही है,  जिससे उन बच्चों का पुनर्वास एवं संरक्षण की व्यवस्था सुनिशित हो पायेगा। “बाल स्वराज” पोर्टल का उद्देश्य बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चों को पेश किए जाने से लेकर उनके माता-पिता, अभिभावक, रिश्तेदारों को सौपने और उसके बाद की कार्रवाही तक कोविड -19 से प्रभावित बच्चों की ट्रैकिंग करना है। पोर्टल में प्रत्येक बच्चे के भरे गए डाटा के माध्यम से आयोग इस बारे में जानकारी प्राप्त करने में सक्षम होगा की क्या यह बच्चा अपनी पात्रता, लाभ और आर्थिक लाभ प्राप्त करने जा हक़दार है।साथ ही आयोग यह भी जान सकेगा की बच्चों को राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वित योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है या नहीं तथा लाभ देने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है अथवा नहीं। जिला समन्यवक द्वारा जिले के तमाम आमजनों मीडियाकर्मी  समाजसेवी ,गैर सरकारी  व्  विभिन्न संगठनों जो बाल अधिकार पर कार्य कर रहे है से भी अपील की गई कि ऐसे बेसहारा, भीख मांगने वाले बच्चों  यदि आपके आस-पास मिलते है तो उन बच्चों का चिन्हांकन करें जो सड़कों के किनारे रहते एवं घूमते हैं। जिनके अभिभावक नहीं हैं, यदि है भी तो किस कारण बच्चे सड़क पर घूम रहे हैं, बच्चे से उसकी परेशानी,पता एवं अभिभावक के बारे में अवश्य पूछें तथा सही जानकारी न मिल पाने की  स्थिति में चाइल्ड लाइन के नि: शुल्क फ़ोन संख्या 1098 या जिला बाल कल्याण समिति को सूचना दें। जिससे चाइल्ड लाइन की टीम सही जानकारी प्राप्त कर उन्हें उनके अभिभावक को बुलाकर या सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के माध्यम से पालन पोषण एवं शिक्षा दीक्षा आदि की प्रक्रिया कर सकेगा।

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Editor - बेनामी

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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