ग्राम समाचार, जामताड़ा। परिवार समाज राज्य एवं विश्व के कल्याण की कामना को लेकर अन्य वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुवार को आर्ट ऑफ लिविंग के सौजन्य से घर घर रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। महामारी के प्रस्तावित तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए आर्ट ऑफ लिविंग ने भीड़ मुक्त वातावरण में घर घर रुद्राभिषेक आयोजन करने का प्रयास किया।
आर्ट ऑफ लिविंग वैदिक धर्म संस्थान के सौजन्य से गुरुवार को जामताड़ा आर्ट ऑफ लिविंग परिवार के सदस्य ओम चौधरी आवासीय परिसर में महामारी नियंत्रण के सभी शर्तों के अनुपालन के साथ रूद्र पूजा संपन्न हुई। मौके पर
बेंगलुरु आश्रम से पधारे स्वामी विनोद कुमार एवं वैदिक पंडितों ने पूरा वैदिक विधि -विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई। स्वामी विनोद कुमार ने बताया कि श्रावण के महीना में आर्ट ऑफ लिविंग वैदिक संस्थान की ओर से विश्व शांति के लिए पूरे देश में आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में रुद्राभिषेक कराया जाता है, रूद्र पूजा के बारे में स्वामी ने बताया कि रूद्र पूजा भारत की एक प्राचीन पद्धति है , जिसका अनुसरण युगो युगो से किया जाता रहा है।
रूद्र का अर्थ है शिव जो कल्याण कारक है , और दुष्ट विनाशक भी । पूजा का अर्थ है जो पूर्णता से उत्पन्न होती है।
यह संसार शक्ति की लीला है सकारात्मक एवं नकारात्मक, सृजनात्मक एवं विध्वंसआत्मक ।
जब हम शिव की आराधना करते हैं जो कि रूपांतर के अधिष्ठाता देव हैं, व्याधि , अवसाद एवं विषाद के रूप में उपस्थित हमारी सारी नकारात्मक ऊर्जा को शांति , समृद्धि एवं आनंद में रूपांतरित कर देते हैं।
तदनंतर हमारे शरीर, मन और आत्मा में शांति अधिष्ठापित हो जाती है।
ऐसी मान्यता है कि पूजा के दौरान जो भी संकल्प लेकर लोग श्रद्धा- भक्ति, विश्वास के साथ पूजा में बैठकर ध्यान करते हैं, उनके द्वारा लिया गया संकल्प शिव पूरा करते हैं। रूद्र पूजा कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन विजय भगत,प्रशिक्षक रेनू पोद्दो पात्र , रुण्टी चंद्रा, अजय चांद, आशा गुप्ता , श्रावणी चांद , ओम चौधरी , बिनती देबि , अंजू चौधरी ,रिंकी चौधरी , अरुण चौधरी ,बिजय भगत आदि शामिल हुए। पूजा के पश्चात भजन , सत्संग के बाद प्रसाद ग्रहण कर कार्यक्रम का समापन किया।

0 comments:
एक टिप्पणी भेजें