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Bounsi News: धूमधाम से निकाली गई भगवान मधुसूदन की शोभायात्रा, गरूड रथ पर सवार होकर पहुंचे फाग्दोल मंदिर

 ग्राम समाचार, बौंसी, बांका। मकर सक्रांति पर्व को लेकर पूरे प्रखंड में उल्लास का माहौल देखने को मिला। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वही मधुसूदन मंदिर को भव्य तरीके से पुष्पगुच्छ की मालाओं से सजाया गया था। मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गई। सर्वप्रथम भगवान मधुसूदन को पंचामृत स्नान व 

श्रृंगार पारंपरिक पूजन पद्धति से कराया गया। उसके बाद परंपरा के अनुसार दही, चूड़ा और तिल का भोग लगाया गया। वहीं भोग का प्रसाद श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया। इसके उपरांत स्थानीय पंडा समाज, धर्म रक्षणी एक आस्था समिति व अंचल प्रशासन की मौजूदगी में भगवान मधुसूदन की शाही शोभायात्रा बाजे गाजे के साथ धूमधाम से निकाली गई। शोभायात्रा में गरुड़ रथ पर भगवान को आरुढ़ कराया गया। मंदिर के पुजारी लक्ष्मण झा भगवान को गोद में लेकर बैठे। उसके बाद मधुसूदन 

मंदिर के प्रांगण से पापहरणी सरोवर के लिए प्रस्थान किया गया। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु मास्क, सेनीटाइजर का प्रयोग करते हुए सामाजिक दूरी का पालन किया। 

इस दौरान एसडीएम मनोज चौधरी, एसडीपीओ दिनेश चंद्र श्रीवास्तव सहित पूरी प्रशासनिक टीम भी उपस्थित रही। शोभा यात्रा मधुसूदन मंदिर होते हुए, पापहरणी सरोवर के फाग्दोल मंदिर तक पहुंची। जहां पर भगवान को थोड़ी देर विश्राम कराया गया। उसके बाद फाग्दोल मंदिर से वापस भगवान को मधुसूदन मंदिर तक लाया गया।

पापहरणी सरोवर में लगी श्रद्धालुओं की भीड

ऐतिहासिक मंदार पर्वत की तराई में अवस्थित पापहरणी रोवर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गई। देश के कोने-कोने से आए सफा धर्मावलंबियों ने पापहारणी सरोवर के किनारे स्नान कर अपने इष्ट देवता की पूजा अर्चना की और नाच गाकर भक्ति में बोर हो गए। सर्वप्रथम पवित्र पापहारणी रोवर में डुबकी लगाने के बाद, सूरज की दिशा में तांबे के लोटे से अपने इष्ट भगवान राम व उद्धारक स्वामी चंदर दास की बंदना कर, सफा धर्मावलंबी पर्वत शिखर स्थित मंदिरों पर भी गए। अगले दो दिनों तक 

संपूर्ण मंदार व पापहरणी के आसपास सिर्फ बनवासी भक्तों की भीड़ लगी रहेगी। अरवा चावल, बनफूल, गुड़, धूप, गुग्गुल की महक से पूरा क्षेत्र सुगंधित हो रहा था। करताल, झांझ, मांदर और संथाली नृत्य संगीत पर मानो पूरा मंदार थिरकने को मजबूर था। ठंड के बावजूद भक्त अपने बदन पर दो सफेद वस्त्र लपेटकर घंटों अपने गुरु की आराधना करते रहे। आज नेपाल पूर्णिया बंगाल आसाम से भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।

पुलिस का दिखा पापहरणी में भरपूर सहयोग

मकर सक्रांति में आए हुए श्रद्धालुओं एवं सैलानियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए पर्याप्त पुलिस कर्मियों को मंदार व इसके आसपास तैनात किया गया था। असामाजिक तत्वों और उचक्कों पर 

कड़ी नजर रखी गई थी। अस्थाई थाना भी बनाया गया था। लोगों को कोई परेशानी ना हो इसका विशेष ख्याल रखा गया था। चिकित्सा शिविर भी 

लगाए गए थे। स्नान ध्यान करने के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना ना हो जाए, इसके लिए एसडीआरएफ की टीम लगातार पापहरणी सरोवर में गश्त लगा रही थी। 

सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन के द्वारा किए गए थे पुख्ता इंतजाम।

पापहारणी में कोविड-19 गाइडलाइन का पूर्ण पालन किया गया

पापहरणी रोवर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा लगातार माइकिंग करा कर, लोगों को मास्क पहने एवं समाजिक दूरी का पालन करने के लिए बताया जा रहा था। प्रखंड विकास पदाधिकारी 

पंकज कुमार एवं अंचलाधिकारी विजय कुमार गुप्ता कोविड-19 के गाइडलाइन का पूर्ण पालन कराने के लिए प्रयासरत थे। लोगों ने कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन भी किया।

मेला नहीं लगने से मायूस दिखे स्थानीय लोग

8 दशक में पहली बार बौंसी मेला का आयोजन नहीं होने से व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ। इस बार कोविड-19 को लेकर जिला प्रशासन ने मंदार महोत्सव सह बौसी मेला के आयोजन को पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। जिस वजह से कोई आयोजन एवं कार्यक्रम नहीं हुआ। सभी 

आयोजनों को स्थगित कर दिया गया। जानकारी हो कि हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर मंदार महोत्सव सह राजकीय बौसी मेला का आयोजन होता था। इस मेले में दूर-दूर से व्यापारी एवं खेल तमाशे वाले, साथ ही स्थानीय दुकानदार आते थे। अपनी दुकान लगाकर अपने जीविकोपार्जन के लिए इस मेले का साल भर इंतजार करते थे। 

लेकिन इस वर्ष ना तो व्यापारी आए ना ही स्थानीय दुकानदारों ने अपनी दुकानें लगाई। जिस वजह से मेला नहीं लगने से मायूस दिखे स्थानीय लोग। मालूम हो कि स्थानीय दुकानदार एवं दूर-दराज से आए व्यापारी तथा खेल तमाशे वाले जीविकोपार्जन का साधन मंदार महोत्सव राजकीय बौसी मेला था। परंतु इस कोविड-19 की मार ने इन लोगों से 

जीविकोपार्जन का साधन ही छीन लिया। पूरा बौंसी मेला मैदान वीरान पड़ा रहा। जहां लोगों की खचाखच भीड़ लगी हुई रहती थी। वह जगह आज 14 जनवरी के दिन सुनसान पड़ा रहा। 

कुमार चंदन, ग्राम समाचार संवाददाता, बौंसी।

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Editor - कुमार चन्दन, बाँका (बिहार)

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