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Bhagalpur News:बुजुर्गों के जीवन से हमें शिक्षा लेनी चाहिए : सैयद हसन, छह हाफिजों की हूई दस्ताबंदी, सैयदना मखदूम पीर दमड़िया शाह का मनाया गया उर्स-ए-पाक



ग्राम समाचार, भागलपुर। देश के प्रसिद्ध बुजुर्ग सैयदना मखदूम शरफुद्दीन हुसैन उर्फ़ अली मोहम्मद रहमतुल्लाह अलैहि का सालाना 419वां उर्स-ए-पाक सोमवार को मनाया गया। इस मौके पर मजार-ए-शरीफ पर चादर पेश की गई। खानकाह-ए-पीर दमड़िया शाह के 14वें सज्जादानशीं सैयद शाह हसन मानी ने कहा कि लोगों को बुजुर्गों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। बुजुर्गों का लोगों को एक ही संदेश होता है कि अल्लाह के बताए रास्ते पर चलना और दूसरों को उसी रास्ते पर चलने की हिदायत देना है। दस्ताबंदी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खानकाह-ए-पीर दमड़िया के नायब सज्जादानशीं सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि औलिया-ए-कराम, बुजुर्गाने दीन अल्लाह के इश्क़ में डूबे हुए उसके सच्चे बंदे होते है जिनकी जिंदगी का मकसद तौहीद के चिराग को रौशन करना और उसकी रौशनी द्वारा समाज को नूरानी बनाना है। उसके जीवन का मकसद अल्लाह के बंदों की खिदमत और सेवा करना है। बुजुर्गाने दीन के एखलाक, प्रेम व सद्भावना का यह नतीजा है कि आज सैकड़ों साल गुजर जाने के बाद भी लोग पूरी श्रद्धा और आकीदत के साथ उनसे निसबत करने पर गर्व महसूस करते है। उनके जीवन का उद्देश्य प्यार व मोहब्बत का वातावरण बनाए रखने में और ईश्वर की सच्ची भक्ति करते हुए जिंदगी गुजारने के लिए मार्ग दर्शन का काम करता है। इस अवसर पर मदरसा सैयद अली पीर दमड़िया शाह के छह हाफिजों को नायब सज्जादानशीं सैयद शाह फखरे आलम हसन ने दस्तार-ए-फजीलतबांधी जिन हाफिजों की दस्ताबंदी की गई है उसमें हाफिज जावेद, हाफिज मो. तौकिर, हाफिज मो. आफताब, हाफिज मो. चांद, हाफिज मो. असद शामिल है। इस मौके पर सैयद घीरन शाह, मिन्हाज शाह, निसार बाबा, डी खान, हाफिज अबू कैस सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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Editor - Bijay shankar

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