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Dumka News : मुखर्जी कमीशन के रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का समिति ने की मांग

ग्राम समाचार दुमका: राज्य के एक भाषाई संगठन ने राष्ट्रपति एबं प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के मृत्यु रहस्य को लेकर गठित मुखर्जी कमीशन के रिपोर्ट को सार्बजनिक कराने की मांग किया हैं।  बांग्ला भाषा व संस्कृति रक्षा समिति, झारखंड के प्रेदेश सचिब गौतम चटर्जी ने राष्ट्रपति एबं प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर नेताजी के मृत्यु को लेकर भ्रम फैलाने पर रोक लगाने की मांग किया हैं ।  75 साल से नेताजी के मृत्य का रहस्य ,रहस्य बना हुआ हैं । पूर्ब प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने मृत्य रहस्य को लेकर मुखर्जी आयोग का गठन किये थे ।उस आयोग के रिपोर्ट में 18 अगस्त 1945 को जापान के ताईहुकु बिमान दुर्घटना में नेताजी के मोत के दबा को सिरेसे खारिज कर दिया हैं।केंद्र सरकार आज तक नेताजी के पुण्यतिथि का घोषणा नहीं किया हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्ब मुख्यमंत्री रघुबर दास, सांसद निशिकांत दुबे, विधायक समीर महंती ने मंगलवार 18 अगस्त को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पुण्यतिथि बताकर लोगो को बधाई संदेश दिया हैं।बांग्ला भाषा व संस्कृति रक्षा समिति, झारखंड के प्रदेश सचिव गौतम ने इसका तीब्र बिरोध किया हैं। साथ ही बताया हैं, की केंद्र सरकार ने आज तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पुण्यतिथि घोषित नहीं किया है। यहां पुण्य तिथि के नाम पर एक साजिश के तहत झूट प्रचार किया गया हैं।देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवारलाल नेहरू ने नेताजी के मृत्यु रहस्य को लेकर दो दो बार कमीशन गठन किया था।शाहनवाज कमीशन एवं खोशला कमीशन।दोनों कमीशन ने अपने रिपोर्ट में 18 अगस्त 1945 को जापान के ताईहुको बिमान दुर्घटना में नेताजी के मोत का पुष्टि किया था, पर जन भाबना को देखकर नेहरू जी ने नेताजी के मृत्य दिवस घोषित नहीं किये थे। शाहनवाज एवं खोशला दोनों आजाद हिंद फौज के सैनिक थे।बिश्ब के इतिहास में किसी सैनिक को कमीशन का अध्यक्ष नहीं बनाया जाता हैं।जो भी हो प्रधानमंत्री मोरारजी देशाई ने उस दोनों कमीशन के रिपोर्ट को खारिज कर दिये हैं। प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने मृत्यु रहस्य को लेकर मुखर्जी कमीशन का गठन किये थे।उस कमीशन का रिपोर्ट में  ताईहुको बिमान दुर्घटना में नेताजी के मौत को सिरे से खारिज कर दिया हैं।तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री शिबराज पाटिल ने कमीशन के उस रिपोर्ट को दबा दिया था। वर्तमान सरकार को मुखर्जी कमीशन के रिपोर्ट को लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा करना चाहिये।उसकी चर्चा किये बिना यहां भाजपा एबं झामुमो ने पुण्यतिथि को लेकर घृणित राजनीति किया हैं।चटर्जी ने कहा हैं कि नेताजी के संताल परगना के साथ काफी लगाव था। देश को आजाद करने के लिये लड़ाई लड़ने नेताजी झारखंड के धनबाद से निस्करण यात्रा ने निकले थे।धनबाद के गोमो स्टेशन से कालका मेल ट्रेन से पेशवा होकर वर्लिन गये थे।गोमो स्टेशन से भारत माता को प्रणाम कर निकले थे, जो आज तक वापस नही आये।

केसरीनाथ, ग्राम समाचार, दुमका।

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Editor - केसरीनाथ यादव, दुमका

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