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हॉस्पिटल के पीछे कचड़ो का अम्बार।
ग्राम समाचार मिहिजाम:
देशभर
में स्वच्छ भारत का नारा देकर अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन मिहिजाम नगर परिषद
क्षेत्र राजबाड़ी में बनाए गए डंपिंग यार्ड के प्रबंधन की उचित व्यवस्था नहीं होने
के कारण जहां आसपास के वाशिंदों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इसके
समीप होमेओपेथी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल गंदगी के बीच सिसक रहा है। जिसकी
दुर्दशा पर किसी को भी तरस नहीं रहा। राजबाड़ी के इर्दगिर्द चारों ओर कई टन कचरा
जमा है और यहां प्रतिदिन बच्चे कचड़ा बिन अपने तथा अपने परिवार के लिए दो जून की
भोजन की तलाश करते फिरते हैं। दर्ज़न भर नौनिहाल इस कोरोना काल मे जान जोखिम में
डाल रहें हैं, जिसकी अनदेखी पर नगर प्रबंधक भी चुप्पी साधे हुए हैं। मिहिजाम नगर
परिषद अंतर्गत 20 वार्डो के कचरे के साथ ही अस्पताल, प्रतिष्ठानों आदि के कचरे भी इस खुले डंपिंग ग्राउंड वार्ड संख्या 7
राजबाड़ी में डंप किया जाता है। साथ ही मृत पशुओं को भी खुले में यहाँ फेंक दिया
जाता है जिससे कई तरह के विषाणु संक्रमण का रूप ले सकते हैं। कह सकते हैं राजबाड़ी
के डंपिंग ग्राउंड में बीमारियों का गुलदस्ता छिपा है। कचरे के ढेरों से उठते बदबू
से यहाँ आसपास के लोगों का जीवन मुश्किल हो रहा है।
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कचड़ो को चुनते गरीब बच्चे।
क्या
कहते हैं चिकित्सक:
चिकित्सक
डॉ सिद्धार्थ रॉय का कहना है ऐसे माहौल में बच्चे सांस संबंधी बीमारी दमा आदि से
ग्रसित हो सकते हैं। इन्हें आखों में एलर्जी त्वचा के संक्रमण की बीमारी भी घेर
सकती है। ऐसा माहौल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं है। इससे जहां उनके
शारीरिक विकास पर दुष्प्रभाव पड़ेगा वहीं मानसिक विकास भी प्रभावित होगा। साथ ही
परिवार के लोग भी इसके संक्रमण से बीमार हो सकते हैं। इस ओर नगर प्रबंधन को चारों
ओर घेरा बंदी करने की ज़रूरत है ताकि बच्चे इस कचरा स्थल से दूर रह सके और बीमारी
से बच सके। वहीं होम्योपैथी चिकित्सक डॉ बी एन
सहाय रंजन का कहना है ऐसे में बच्चों को पेट व श्वास संबंधी समस्या हो सकता है।
कचरे में विभिन्न प्रकार के वैक्टीरिया वाईरस पड़े रहते हैं जो बच्चे कचरा बिन रहे
हैं उनके पास ना ही ग्लब्स है ना ही मास्क जिससे कई तरह की बीमारी घर कर सकता है।
वार्ड
संख्या 7 की पार्षद रमा दास का कहना है ऐसे बच्चों को मास्क, ग्लब्स व सनेटाइजेर देने की ज़रूरत है ताकि
वह संक्रमण से बच सके साथ ही ऐसे बच्चों के लिए उचित व्यवस्था की अव्यशयता है।
कहाँ
के है बच्चे:
जैसे
गांधीनगर, कोढ़िया पाड़ा, स्टेशन व ट्रैन में कचरा उठाने वाले
ट्रैन
बंदी के कारण भी स्टेशन में रहने वाले लावारिस बच्चे चुनते हैं कचरा
इस
संबंध में मिहिजाम सफाई इंचार्ज लक्षण प्रसाद ने खबर ना छापने की बात कही। वहीं
नगर प्रबंधक ने भी चुप्पी साधते हुए टालमटोली दे मारी।
रोहित
शर्मा, ग्राम समाचार, जामताड़ा


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