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प्रवेश द्वारा 3 नंबर गेट के बहार कड़ी बड़ी वाहन।
ग्राम
समाचार मिहिजाम:
चितरंजन
के पड़ोसी जिले जामताड़ा में पिछले 2 दिनों से कोरोना के करीब 2 दर्जन से अधिक
मामले उजागर हुए हैं। जिसे लेकर अब चितरंजन में भी अधिक सतर्कता की जरूरत छाने लगी
है। जामताड़ा जिला का सीमा मिहिजाम से लगे पश्चिम बंगाल का चितरंजन रेल नगरी में
करीब 10000 की आवासीय व्यवस्था है, जहां हजारों की संख्या में कर्मचारी व उनके
परिवार के सदस्य निवास करते हैं। यहां झारखंड के जामताड़ा जिले के लोगों का भी आना
जाना रहता है। कर्मचारी व उनके परिजन के अलावे दैनिक मजदूर, सब्जी वाला और दुकानदारों का भी यहां
से लेना देना है। ऐसे में शहर की सुरक्षा और सतर्कता को लेकर तथा महामारी के
प्रादुर्भाव पर रोकथाम को लेकर प्रवेश द्वारों में प्रवेश से पहले लोगों का थर्मल
स्कैनिंग व अन्य जांच जरूरी है। जिससे इस महामारी के प्रकोप से बचा जा सके। साथ ही
आसनसोल में भी मामले उजागर होने से सभी मुख्य द्वारों पर ऐसी व्यवस्था की शुरुआत
चिरेका प्रशासन को जल्द करना होगा। वही सभी प्रवेशद्वार द्वारों में बेरोकटोक
आवागमन बदस्तूर जारी है साथी ही आनेजाने वालो का किसी भी प्रकार से जाँच पड़ताल नही
किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर देखा जाय तो चिरेका में अलग अलग द्वार पर प्रवेश के नियम द्वार बदलते ही बदल जाते
है। एक नम्बर प्रवेश द्वार जो झारखंड मिहिजाम से सटे हुए हैं वहां से प्रवेश के लिए
अब कोई पाबंदी नहीं है। हाल ही के दिनों में पाबंदी के आदेश हटा लिए गए हैं। लोगों
का बेरोक टोक आना जाना आरंभ हो गया है। वही जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के
आसनसोल की तरफ से जुड़े हुए प्रवेशद्वार संख्या 3 पर अभी भी प्रवेश से पहले कई
पाबंदियां का सामना करना पड़ता है जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका
कहना है कि रेल् नगर प्रशासन द्वारा यह कैसा आदेश है जो एक ही नगर में प्रवेश के
लिए अलग अलग नियमों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर चिरेका प्रशासन को ध्यान देना
चाहिए जिससे आम लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस संबंध में चिरेका
प्रवक्ता मनतार सिंह ने बताया सभी प्रवेशद्वार में सुरक्षा व सावधानी की दृष्टिकोण
से सजगता की अधिक अव्यशयता है। क्योंकि कोरोना का प्रकोप धीरे धीरे व्यापक कहर ढा
रहा है।
रोहित
शर्मा, ब्यूरो, जामताड़ा

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