ग्राम
समाचार मिहिजाम:
झारखंड
सरकार द्वारा राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 लागू है। जिसके अंतर्गत अंत्योदय अन्न
योजना (AAY) एवं पूर्व विकता प्राप्त गृहस्थ योजना (PHH) के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा
रहा है। वहीं राज्य सरकार द्वारा सभी जिला प्रशासन को सूचित किया गया है कि
सुषुप्त राशन कार्डो एवं डुप्लीकेट राशन कार्ड की जांच करते हुए अपात्र राशन कार्ड
धारियों राशन कार्ड को रद्द करना है। इसी क्रम में जामताड़ा जिले के ऐसे राशन
कार्ड धारियों की सूची बनाई जा रही है, जो
सक्षम होने के बावजूद भी लगातार राशन उठाव कर रहे हैं। वही साथ ही बताया गया कि जो
राशन कार्ड धारक 6 महीने से अपना राशन उठाओ नहीं किये
हैं उनका राशन कार्ड को रद्द करने की प्रक्रिया बनाई जा रही है। वहीं सरकार द्वारा
कुछ दिन पूर्व प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि झारखंड लक्षित जन वितरण प्रणाली
(नियंत्रण) आदेश-2019 अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा
अधिनियम के अपवर्जन मानक के तहत निम्न व्यक्ति PHH/AAY कार्ड की पात्रता नहीं रखते हैं निम्न बिंदुओं पर दर्शाया गया है
जैसे कि
1 परिवार का कोई सदस्य भारत सरकार /
राज्य सरकार / केंद्र सरकार / केंद्र शासित प्रदेश या इनके परिषद् / उद्धम /
प्रक्रम / उपक्रम / अन्य स्वायत्त निकाय जैसे विश्वविद्यालय इत्यादि नगर निगम /
नगर पर्षद / नगरपालिका / न्यास इत्यादि में व्यवसायिक नियोजित हो, अथवा,
2 परिवार के कोई सदस्य, आयकर / सेवा कर / व्यवसायिक कर देते
हैं, अथवा,
3 परिवार के पास 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि अथवा 10 एकड़ से अधिक भूमि है, अथवा, 4 परिवार के किसी सदस्य के नाम से चार पहिया मोटर वाहन है, अथवा,
5 परिवार का कोई सदस्य सरकार द्वारा
पंजीकृत उद्धव का स्वामी या संचालक है, अथवा,
6 परिवार के पास रेफ्रिजरेटर / एयर
कंडीशनर / वाशिंग मशीन है,
अथवा,
7 परिवार के पास कमरों में पक्की
दीवारों तथा छत के साथ 3 या उससे अधिक कमरों का मकान है, अथवा,
8 परिवार के पास मशीन चालित चार पहिया
वाली कृषि उपकरण (ट्रैक्टर इत्यादि) है।
यदि
किसी राशन कार्ड धारी के पास उपरोक्त मानकों में से एक भी मानक लागू है, तो वह प्रर्वविक्कता प्राप्त गृहस्थ
एवं अंत्योदय अन्य योजना कार्ड के हकदार नहीं है। इनके लिए सरकार द्वारा सफेद
सामान्य राशन कार्ड निर्गत करने की व्यवस्था है। वही कार्ड धारकों से कहा गया है
कि उक्त आलोक में उपरोक्त 8
मानकों में से एक भी मानक रखने वाले
व्यक्तियों परिवारों से अनुरोध है कि अपना राशन कार्ड रद्दीकरण हेतु निकटतम जन
वितरण प्रणाली दुकानदार, संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी या
जिला आपूर्ति कार्यालय में जल्द से जल्द स्वेच्छा से कार्ड सरेंडर कर दें अन्यथा
जिला प्रशासन विभाग सरकार के संज्ञान में आने पर झारखंड लक्षित जन वितरण प्रणाली
(नियंत्रण) आदेश 2017 के नियम 7 की कंडिका (ii) के अनुसार निम्नवत कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही विज्ञप्ति में दर्शाया गया की राशन कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर नहीं करने
वाले कार्ड धारकों से दिए गए राशन की वसूली (राशन लिए जाने की तिथि से) भू-राजस्व
के बकाए के सदृश्य बाजार दर पर 12% प्रतिवर्ष
की ब्याज दर पर वसूल की जाएगी। वही डीलर एसोसिएशन के सदस्य नीरू जैन ने कहा
की जो कार्ड धारक खुद से सक्षम है। वह लोग अपना राशन कार्ड संबंधित डीलरों को जमा
कर दें अन्यथा जिला प्रशासन द्वारा उन लोगों पर कार्यवाही की जाएगी। वही राशन
कार्ड जांच की खबर को लेकर मिहिजाम में हड़कंप मचा हुआ है। कुछ राशन कार्ड धारकों
द्वारा डीलरों को अपना कार्ड सरेंडर करते देखा गया। वहीं कार्ड धारकों ने खुद से
सक्षम होने के बावजूद राशन उठाओ कर राज्य के राजस्व को काफी नुकसान पहुंचाया है।
रोहित
शर्मा, ब्यूरो, जामताड़ा

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