ग्राम समाचार, भागलपुर। अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय भागलपुर में बुधवार को एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के एम.एड.शिक्षार्थी, बी.एड. प्रथम सत्र एवं द्वितीय सत्र के शिक्षार्थी एवं व्याख्याता ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इस वेबीनार के मुख्य वक्ता अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय भागलपुर के प्रचार्य सह डीन तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के डॉ राकेश कुमार के दिशा निर्देशन में आरंभ हुआ। प्रथम सत्र में ओजस्वी प्रतिनियुक्त व्याख्याता अवधेश कुमार आलोक ने योग एवं घरेलू उपचार में प्रतिरोधक क्षमता का विकास हम कैसे करेंगे इस संदर्भ में उन्होंने अपनी बातें रखीं। द्वितीय सत्र में युवा व्याख्याता मो. एहतेशाम उद्दीन ने शिक्षार्थियों तक पहुंच बनाने में शिक्षकों की चुनौतियां विषय को बड़ी गहनता पूर्वक अपने वक्तव्य के माध्यम से देने का प्रयास किया है। चंदन कुमार जिन्होंने विद्यालय से दूर बच्चों में हम कैसे रचना शीलता का विकास करेंगे इसके बारे में चर्चा की। पुन: समावेशन एक आयाम आवासी कक्षा के बारे सुजय सिन्हा ने अपनी बातों को साझा किया। तत्पश्चात प्रवासी मजदूर के बच्चों का विद्यालय में लाना इस पर सोनी कुमारी ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। आज के इस वेबीनार कि संयोजक संस्थान के व्याख्याता डॉ इसम लाल करहरिया ने कहा कि निश्चित रूप से आज के दौर में हमारी पहुंच शिक्षार्थियों से बच्चों तक नहीं हो पा रही है, इनको हम कैसे दूर करें। इसके लिए एक रचनात्मक कदम उठाने का प्रयास किया है। साथ ही डॉ राकेश कुमार के दिशा निर्देशन में बच्चों तक हमारी पहुंच कैसे बन पाए इनके बारे में उन्होंने विस्तार पूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कोविड-19 के दौर में हम निश्चित रूप से परेशान हैं। हमारी पहुंच शिक्षार्थी तक और शिक्षार्थी से बच्चों तक नहीं हो पा रही है परंतु इस कोविड-19 के 19 कैरेक्टर (लक्षण) को देखकर हम सभी लक्षणों को दूर करते हुए अपनी पहुंच कैसे बना पाएंगे इनके बारे में भी उन्होंने बातें कहीं। डॉ.मोहम्मद शाहनवाज रिजवी ने वोट ऑफ थैंक्स देकर आज के सेमिनार का समापन किया। इस वेबीनार में महाविद्यालय के व्याख्याता सच्चिदानंद प्रसाद, डॉ, राकेश कुमार परिमल, डॉ मृत्युंजय कुमार, नीलू सिन्हा, मौसम कुमारी, डॉ.किरण जयसवाल, प्रवीण कुमार, अभिषेक चंद्रा, शालिग्राम ठाकुर और संतोष कुमार सारण उपस्थित थे।
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