ग्राम समाचार, भागलपुर। खगड़िया जिले के पसराहा थानेदार आशीष सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी कुख्यात पचास हजार का इनामी अपराधी दिनेश मुनि को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया है। यह मुठभेड़ बुधवार देर रात हुई है। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग भी हुई। बिहार पुलिस के एसटीएफ टीम की यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। एसटीएफ की टीम के साथ दिनेश मुनि की यह मुठभेड़ नवगछिया के भवानीपुर के नारायणपुर दियारा क्षेत्र में हुई।
मुठभेड़ के बाद एसटीएफ की टीम ने मौके से दो कार्रबाइन और एक बंदूक बरामद किया है। बता दें कि दिनेश मुनि इलाके का कुख्यात था। खगड़िया जिले के पसराहा के थानेदार आशीष सिंह हत्याकांड का वह मुख्य आरोपी था। पसराहा थानाध्यक्ष आशीष सिंह की हत्या 12 अक्टूबर 2018 को नारायणपुर इलाके में एक एनकाउंटर के दौरान कर दी गई थी। दो साल पहले हुई मुठभेड़ के दौरान जहां थानेदार आशीष सिंह शहीद हो गए थे वहीं एनकाउंटर में कुख्यात श्रवण यादव भी मारा गया था। कुख्यात दिनेश मुनि के मुठभेड़ में मारे जाने की पुष्टि भागलपुर रेंज के डीआईजी सुजीत कुमार ने भी की है। खगड़िया जिले के पसराहा थानाध्यक्ष आशीष सिंह के शहीद होने बाद दियारा के इलाके में दिनेश मुनि की तूती बोलती थी। अपने जांबाज थानेदार को खोने के बाद बिहार पुलिस की टीम भी काफी दिनों से दिनेश मुनि के तलाश में लगी हुई थी। अंतत: एसटीएफ को सफलता मिली और कुख्यात दिनेश मुनि को उसी के इलाके में मार गिराया गया। दर्जनों मुकदमों का अभियुक्त दिनेश मुनि दियारा क्षेत्र में अपराध जगत का बेताज बादशाह था। खगड़िया जिले के पसराहा थाना अध्यक्ष आशीष सिंह के शहिद होने बाद दियारा के इलाके में उसकी तूती बोलती थी। अपने थानाध्यक्ष के मौत का बदला लेने के लिए पुलिस की टीम बेचैन थी। इस सिलसिले में कई दफा दियारा के इलाकों में वेश बदलकर पुलिस की टीम डेरा डाल चुकी थी। लेकिन सफलता हाथ नहीं लगती थी। इस दफा पुलिस में अपने दिलेर साथी के हत्या का बदला ले लिया है। बताया जाता है कि एक सप्ताह से लगातार वेश बदलकर एसटीएफ की टीम दियारा के इलाके में कुख्यात दिनेश मुनि के फिराक में डेरा डाले हुई थी। दियारा के इलाके में मक्के के खेत में कुख्यात दिनेश छिपा रहता था। लेकिन कल रात वह शराब पीने के लिए अपनी मांद से बाहर आया। फिर क्या था 7 दिनों से उसकी ताक में बैठी एसटीएफ की टीम ने उसे ललकारा। जिसके बाद कुख्यात दिनेश मुनि ने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ के जवानों द्वारा चलाई गई कई गोलियां दिनेश के शरीर में जाकर धंस गई। कुख्यात दिनेश मौके पर ही मारा गया। जबकि उसके 3 साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे।
मुठभेड़ के बाद एसटीएफ की टीम ने मौके से दो कार्रबाइन और एक बंदूक बरामद किया है। बता दें कि दिनेश मुनि इलाके का कुख्यात था। खगड़िया जिले के पसराहा के थानेदार आशीष सिंह हत्याकांड का वह मुख्य आरोपी था। पसराहा थानाध्यक्ष आशीष सिंह की हत्या 12 अक्टूबर 2018 को नारायणपुर इलाके में एक एनकाउंटर के दौरान कर दी गई थी। दो साल पहले हुई मुठभेड़ के दौरान जहां थानेदार आशीष सिंह शहीद हो गए थे वहीं एनकाउंटर में कुख्यात श्रवण यादव भी मारा गया था। कुख्यात दिनेश मुनि के मुठभेड़ में मारे जाने की पुष्टि भागलपुर रेंज के डीआईजी सुजीत कुमार ने भी की है। खगड़िया जिले के पसराहा थानाध्यक्ष आशीष सिंह के शहीद होने बाद दियारा के इलाके में दिनेश मुनि की तूती बोलती थी। अपने जांबाज थानेदार को खोने के बाद बिहार पुलिस की टीम भी काफी दिनों से दिनेश मुनि के तलाश में लगी हुई थी। अंतत: एसटीएफ को सफलता मिली और कुख्यात दिनेश मुनि को उसी के इलाके में मार गिराया गया। दर्जनों मुकदमों का अभियुक्त दिनेश मुनि दियारा क्षेत्र में अपराध जगत का बेताज बादशाह था। खगड़िया जिले के पसराहा थाना अध्यक्ष आशीष सिंह के शहिद होने बाद दियारा के इलाके में उसकी तूती बोलती थी। अपने थानाध्यक्ष के मौत का बदला लेने के लिए पुलिस की टीम बेचैन थी। इस सिलसिले में कई दफा दियारा के इलाकों में वेश बदलकर पुलिस की टीम डेरा डाल चुकी थी। लेकिन सफलता हाथ नहीं लगती थी। इस दफा पुलिस में अपने दिलेर साथी के हत्या का बदला ले लिया है। बताया जाता है कि एक सप्ताह से लगातार वेश बदलकर एसटीएफ की टीम दियारा के इलाके में कुख्यात दिनेश मुनि के फिराक में डेरा डाले हुई थी। दियारा के इलाके में मक्के के खेत में कुख्यात दिनेश छिपा रहता था। लेकिन कल रात वह शराब पीने के लिए अपनी मांद से बाहर आया। फिर क्या था 7 दिनों से उसकी ताक में बैठी एसटीएफ की टीम ने उसे ललकारा। जिसके बाद कुख्यात दिनेश मुनि ने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ के जवानों द्वारा चलाई गई कई गोलियां दिनेश के शरीर में जाकर धंस गई। कुख्यात दिनेश मौके पर ही मारा गया। जबकि उसके 3 साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे।

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