Bhagalpur News: वर्चुअल माध्यम से हुई 18वीं प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक, अनुकूल कृषि कार्यक्रमों में सबौर कृषि विश्वविद्यालय की रही अहम भूमिका – कृषि मंत्री

ग्राम समाचार, भागलपुर। 18वीं प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। जिसका उद्घाटन डॉ. प्रेम कुमार कृषि एवं पशु एवं मत्स्य मंत्री के द्वारा किया गया। बैठक की अध्यक्षता डा. अजय कुमार सिंह कुलपति बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के द्वारा की गई। इस अवसर पर विशेषज्ञ के रूप में डा. अंजनी कुमार निदेशक अटारी पटना, डॉ. भी. पी. चहल, सहायक महानिदेशक (कृषि प्रसार), डॉ० पी. के. राउल, प्रबंध निदेशक, भुवनेश्वर उड़ीसा, डॉ० जितेन्द्र कुमार निदेशक बामेती पटना, डॉ. राजकुमार जाट, प्रधान वैज्ञानिक बीसा समस्तीपुर, डॉ. आर. एन. सिंह सह निदेशक प्रसार शिक्षा सहित विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
कृषि एवं पशु एवं मत्स्य मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि बिहार जलवायु परिवर्तन की विभिषका यथा बाढ़, सुखाड़, समय पर बारिस न होना, तापमान का बढ़ना आदि से प्रभावित हो रहा है, विशेषकर कृषि जलवायु परिवर्तन के कुप्रभावों से प्रभावित हो रही है। इसको ध्यान में रखते हुए बिहार के 08 जिलों में जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रमों की शुरूआत की गई थी। जिसके सार्थक परिणाम को देखते हुए इसे राज्य के सभी जिलों में लागू किया गया है। जिसमें बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर की भूमिका अहम रही है। मंत्री ने मक्के में फॉल आर्मी कीट, केले में पनामा विल्ट एवं टिड्डी (लोकस्ट) के प्रकोप को खेती एवं किसानों के लिए हानिकारक बताया। साथ ही इसके परिपेक्ष्य में बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर द्वारा किये जा रहे कार्यो की सराहना की साथ ही भविष्य में इन सभी चीजों के प्रकोप से बचाव हेतु तैयार रहने को कहा। साथ ही उन्होनें सभी कृषि विज्ञान केन्द्र को कहा कि वे अपने प्रक्षेत्र में स्टेट ऑफ आर्ट से संबंधित विभिन्न प्रदर्शन यूनिट यथा फलों की खेती, मशरूम उत्पादन, सब्जी की खेती, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, कुक्कुट पालन आदि स्थापित करने की बात कही ताकि इससे प्रभावित होकर किसान अपने खेतों पर इसका व्यवहार कर सके। उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बारे में जागरूक करने को कहा। प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक में डा. अजय कुमार सिंह कुलपति ने विश्वविद्यालय में चल रहे कार्यक्रमों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 17 प्रसार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं, जिससे किसान उसका सीधा लाभ ले रहे हैं एवं युवाओं को कृषि के क्षेत्र में उद्यमी बनाने के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य एवं पोषण सुरक्षा आदि को किसानों तक पहुँचाया जा सके इसके लिए यूनिसेफ एवं कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन से करार किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को ऑनलाईन प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। कुलपति ने कहा कि हर परिसर - हरा परिसर कार्यक्रम के अन्तर्गत माह अगस्त, 2020 तक 1,00,000 पौधों का रोपण करने का लक्ष्य है। इस क्रम में पर्यावरण दिवस के अवसर पर 17000 पौधों को रोपण विश्वविद्यालय के द्वारा किया गया। कुलपति ने कहा कि बाहर से आये प्रवासी मजदूरों के प्रशिक्षण हेतु ऑनलाईन आवेदन पत्र मांगे गये हैं, जिसमें अभी तक 800 से ज्यादा मजदूरों ने अपना आवेदन दिया है और उनको मांगों के अनुरूप प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होनें महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों को किसान हितकारी कार्यक्रमों को तीव्र गति से निष्पादित करने का निर्देश दिया। इस कार्यक्रम में डॉ. आर. के. सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा ने कहा कि सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों में समेकित कृषि मॉडल को जल्द से जल्द विकसित किया जाय। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के विश्वविद्यालय द्वारा कौशल विकास के प्रशिक्षण आयोजित किये जा रहे हैं तथा सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों में नियमित रूप से किसानों के ऑनलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इस अवसर पर सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों के द्वारा प्रसार शिक्षा कार्यक्रमों का प्रगति प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया डा. आर. के. सोहाने ने कहा कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय का प्रसार तंत्र युवाओं को विश्वविद्यालय से एवं आपस में नेटवर्किग करने का प्रयास करेगा। साथ ही बिहार कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार इकाईयों द्वारा किये जा रहे किसान चौपाल कार्यक्रम कृषकों के बीच काफी लोकप्रिय एवं प्रतिफल परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किये जा रहे कियोस्क मशीन को सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों पर स्थापित किया जायेगा जिससे किसानों के सभी समस्याओं तथा नई तकनीकियों का ज्ञान आसानी पूर्वक प्राप्त हो सके। इस अवसर पर डा. आर. एन. सिंह, सह निदेशक प्रसार शिक्षा ने विश्वविद्यालय में चल रहे क्लाईमेट स्मार्ट विलेज परियोजना के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर बाँका जिले की प्रगतिशील महिला किसान पंडित दीन दयाल उपाध्याय पुरस्कार से सम्मानित सरिता देवी एवं विश्वविद्यालय के वरीय पदाधिकारी, विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं वैज्ञानिकगण उपस्थित थे।
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Editor - Bijay shankar

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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